राशिफल का अर्थ है — आपकी राशि के हिसाब से आने वाले समय का सामान्य फल। वैदिक ज्योतिष में राशि का मतलब चंद्र राशि है: जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था, वही आपकी राशि। चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए रोज़ के मन, मेल-जोल और काम का फल चंद्र राशि से पढ़ने की रीति सबसे पुरानी है। लग्न अलग है — जन्म के समय पूर्व दिशा में उदय हो रही राशि, जो लगभग हर दो घंटे में बदलती है। राशिफल चंद्र राशि से बनता है; आपकी अपनी कुंडली का गहरा फल लग्न और दशा से।
अपनी राशि जानने का सबसे सही तरीका है जन्म-तिथि, समय और स्थान से बनी कुंडली — उसमें चंद्रमा जिस राशि में है, वही आपकी राशि। चंद्रमा एक राशि में सवा दो दिन रहता है, इसलिए ज़्यादातर दिनों में समय पता न हो तब भी राशि निकल आती है। इस पन्ने पर मेष से मीन तक आज का, इस सप्ताह का और इस महीने का राशिफल है। पर विवाह और घर-परिवार की बात एक राशि से तय नहीं होती, इसलिए कुंडली मिलान ज्योतिष की टीम ने दोनों लोगों की पूरी कुंडली देखने वाले चार मिलान बनाए हैं।
बारह राशियों का राशिफल — अपनी राशि देखें
नीचे हर राशि का पहले आज, इस सप्ताह और इस महीने का फल है, फिर स्वभाव और उपाय। यह फल किस नियम से गिना जाता है — चंद्रमा का भाव, बाक़ी ग्रह, वेध, साढ़ेसाती — यह बारहों राशियों के बाद समझाया गया है।
मेष राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
मिला-जुला दिन चंद्रमा पाँचवें भाव में है — योजनाएँ थोड़ी धीमी चल सकती हैं, इसलिए जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें और धैर्य रखें।
- काम नई योजना पर आज सोच-विचार करें, पर उसे अंतिम रूप एक-दो दिन बाद दें; पढ़ाई और रचनात्मक काम में मन लगाना होगा।
- धन सट्टे या जोखिम वाले निवेश से आज दूर रहें; सोची-समझी बचत ही इस समय सबसे अच्छा रास्ता है।
- परिवार और रिश्ते बच्चों से जुड़ी बातों में धैर्य रखें; उन्हें डाँटने की जगह प्यार से समझाएँ, बात आसानी से बनेगी।
- सेहत मन की चिंता पेट पर असर डाल सकती है; समय पर भोजन करें और थोड़ी देर गहरी साँस लेने का अभ्यास करें।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से पाँचवें भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे छठे भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: गुरु · शुभ रंग: पीला · शुभ अंक: 3
आज का उपाय: कोई भी बड़ा फ़ैसला लेने से पहले एक रात सोचें; सुबह 'ॐ गं गणपतये नमः' का जप करके काम शुरू करें।
मेष राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर), रविवार (8 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: सोमवार (2 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे सातवें भाव में: बुध का यह गोचर जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार से बातचीत में ग़लतफ़हमी ला सकता है; अनुबंध ध्यान से पढ़ें और बातें साफ़-साफ़ कहें।
- शुक्र (वक्री) आपसे सातवें भाव में: शुक्र का यह गोचर दांपत्य में अपेक्षाएँ बढ़ा सकता है और छोटी बातों पर रूठना-मनाना करा सकता है; जीवनसाथी की बात सुनें और साथ में समय बिताएँ।
- मंगल आपसे चौथे भाव में: मंगल का यह गोचर घर में तनाव और ज़मीन-जायदाद के मामलों में उलझन दे सकता है; संपत्ति के फ़ैसले टालें और घर में धीमे स्वर में बात करें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे छठे भाव) — शुक्र का यह गोचर खान-पान में लापरवाही और रिश्तों में खटपट ला सकता है; संयम रखें और शुक्रवार को 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' जपें।
मेष राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे सातवें भाव में: सूर्य का यह गोचर जीवनसाथी या साझेदार के साथ अहं की टकराहट ला सकता है; अपनी बात नरमी से रखें और थकाने वाली यात्रा से बचें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे आठवें भाव: सूर्य का यह गोचर ऊर्जा घटा सकता है और अचानक ख़र्च ला सकता है; सेहत सँभालें और 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' जपें।
- मंगल आपसे पाँचवें भाव में: मंगल का यह गोचर जोखिम भरे निवेश और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों की ओर खींच सकता है; बच्चों से धैर्य से पेश आएँ और सट्टे से दूर रहें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे पाँचवें भाव) — मंगल का यह गोचर जोखिम भरे निवेश और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों की ओर खींच सकता है; बच्चों से धैर्य से पेश आएँ और सट्टे से दूर रहें।
- बुध आपसे सातवें भाव में: बुध का यह गोचर जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार से बातचीत में ग़लतफ़हमी ला सकता है; अनुबंध ध्यान से पढ़ें और बातें साफ़-साफ़ कहें।
- शुक्र आपसे छठे भाव में: शुक्र का यह गोचर खान-पान में लापरवाही और रिश्तों में खटपट ला सकता है; संयम रखें और शुक्रवार को 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' जपें।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे छठे भाव) — शुक्र का यह गोचर खान-पान में लापरवाही और रिश्तों में खटपट ला सकता है; संयम रखें और शुक्रवार को 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' जपें।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे सातवें भाव) — शुक्र का यह गोचर दांपत्य में अपेक्षाएँ बढ़ा सकता है और छोटी बातों पर रूठना-मनाना करा सकता है; जीवनसाथी की बात सुनें और साथ में समय बिताएँ।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे पाँचवें भाव में: गुरु का यह गोचर बुद्धि, पढ़ाई और संतान से जुड़े सुख को बढ़ाता है; नई सीख, अच्छे फ़ैसले और रचनात्मक काम के लिए बहुत अनुकूल समय है।
- शनि आपसे बारहवें भाव में: शनि का यह गोचर ख़र्च और मन में अकेलापन या थकान ला सकता है; ख़र्च की सूची बनाएँ, अपनों से बात करते रहें और ज़रूरतमंद की मदद करें।
- राहु आपसे ग्यारहवें भाव में: राहु का यह गोचर आमदनी के नए रास्ते, बड़े संपर्क और विदेश या तकनीक से लाभ के योग बनाता है; अवसर आएँ तो सोच-समझकर आगे बढ़ें।
- शनि आपकी राशि से बारहवें भाव में है, यानी साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है; यह ख़र्च और भागदौड़ सँभालकर चलने का समय है, डरने का नहीं — शनिवार को 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जप करें।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 5, 6, 7, 8, 9, 15, 16, 17, 18, 19, 22, 23, 26, 27
सँभलकर चलने के दिन: 1, 2, 10, 11, 12, 20, 21, 28, 29
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
मेष — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
मेष राशिचक्र की पहली राशि है। तत्व अग्नि, स्वामी मंगल, चिह्न मेढ़ा — जो सिर आगे करके सीधा बढ़ता है। यह चर राशि (गतिशील, शुरुआत करने वाली) है और सूर्य यहाँ उच्च का माना जाता है। इसके नक्षत्र हैं अश्विनी, भरणी और कृत्तिका का पहला चरण — जन्म का चंद्रमा इनमें हो तो राशि मेष है। मेष वाले जोश से भरे, सीधी बात कहने वाले और पहला क़दम ख़ुद उठाने वाले होते हैं। काम सामने हो तो वे तुरंत जुट जाते हैं।
ताक़त: साहस, नेतृत्व, नई शुरुआत की हिम्मत, और मुश्किल में आगे खड़े होने का गुण। खेल, सेना-पुलिस, इंजीनियरी, अपना काम शुरू करना — जहाँ फुर्ती और फ़ैसला चाहिए, वहाँ ये चमकते हैं। ग़ुस्सा जल्दी आता है, पर मन में गाँठ कम रखते हैं।
ध्यान रखने की बातें: जल्दबाज़ी, अधूरा काम छोड़कर नया पकड़ लेना, और तीखी बात। मंगल की ऊर्जा को सही दिशा न मिले तो छोटी बहस भी बड़ी लगने लगती है। कोई भी बड़ा फ़ैसला एक रात सोकर लें — मेष के लिए यही सबसे बड़ा अभ्यास है।
रिश्तों में: मेष वाले साथी के लिए डटकर खड़े रहने वाले, सच्चे और रक्षा करने वाले होते हैं। उन्हें घुमा-फिराकर कही बात पसंद नहीं, इसलिए साफ़ बातचीत रिश्ते को मज़बूत रखती है। झगड़े के बाद पहले माफ़ी माँग लेना उनके लिए आसान भी है और ज़रूरी भी। पर मेष से "सबसे अच्छी" कौन-सी राशि मिलेगी, यह राशि से तय नहीं होता — विवाह के लिए दोनों के नक्षत्र, नाड़ी, भकूट, मंगल की स्थिति और पूरी कुंडली देखकर कुंडली मिलान ही बताता है।
सरल उपाय: मंगलवार से शुरू करके रोज़ सुबह स्नान के बाद मंगल का बीज मंत्र एक माला (108 बार) जपें, कम से कम 43 दिन बिना नागा:
"ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः"
मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और किसी ज़रूरतमंद को मसूर की दाल दान करें।
ऊपर दिया मेष का आज का, साप्ताहिक और मासिक राशिफल ग्रहों की असली चाल से गिना जाता है और रोज़ बदलता है, इसलिए अपनी राशि का फल रोज़ नए सिरे से देखें।
वृषभ राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
सँभलकर चलने का दिन चंद्रमा चौथे भाव में है — मन थोड़ा बेचैन रह सकता है; घर में शांति से बात करें तो दिन सहज बीतेगा।
- काम काम में मन कम लगे तो छोटे-छोटे हिस्सों में काम करें; ज़रूरी फ़ैसले शांत मन होने तक रोक सकते हैं।
- धन घर या वाहन से जुड़ा कोई ख़र्च आ सकता है; जल्दबाज़ी में ख़रीदारी न करें, थोड़ा रुककर तुलना कर लें।
- परिवार और रिश्ते घर में छोटी बातों पर तनाव हो सकता है; माता का हालचाल पूछें और बहस की जगह धैर्य से सुनें।
- सेहत नींद और आराम पूरा लें; छाती या पेट में भारीपन लगे तो हल्का भोजन करें और ज़रूरत हो तो डॉक्टर से मिलें।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से चौथे भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे पाँचवें भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: बुध · शुभ रंग: हरा · शुभ अंक: 5
आज का उपाय: शाम को घर में घी का दीपक जलाएँ और चंद्र मंत्र 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' का 108 बार जप करें।
वृषभ राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: सोमवार (2 नवंबर), रविवार (8 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे छठे भाव में: बुध का यह गोचर समझदारी से विरोधियों को जवाब देने और उलझे काम सुलझाने में मदद करता है; प्रतियोगी परीक्षा और काग़ज़ी काम में सफलता के योग हैं।
- शुक्र (वक्री) आपसे छठे भाव में: शुक्र का यह गोचर खान-पान में लापरवाही और रिश्तों में खटपट ला सकता है; संयम रखें और शुक्रवार को 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' जपें।
- मंगल आपसे तीसरे भाव में: मंगल का यह गोचर साहस, जोश और पराक्रम देता है; मुश्किल काम हाथ में लेने, प्रतियोगिता जीतने और भाई-बहनों के साथ मिलकर कुछ करने का अच्छा समय है।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे पाँचवें भाव) — शुक्र का यह गोचर प्रेम, रचनात्मकता और बच्चों से जुड़ी ख़ुशी बढ़ाता है; कला, मनोरंजन और रिश्तों में अपनापन बढ़ाने का अच्छा समय है।
वृषभ राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे छठे भाव में: सूर्य का यह गोचर विरोधियों पर जीत, सेहत में सुधार और काम पर पकड़ देता है; पुराने विवाद और कर्ज़ सुलझाने का अच्छा समय है।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे सातवें भाव: सूर्य का यह गोचर जीवनसाथी या साझेदार के साथ अहं की टकराहट ला सकता है; अपनी बात नरमी से रखें और थकाने वाली यात्रा से बचें।
- मंगल आपसे चौथे भाव में: मंगल का यह गोचर घर में तनाव और ज़मीन-जायदाद के मामलों में उलझन दे सकता है; संपत्ति के फ़ैसले टालें और घर में धीमे स्वर में बात करें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे चौथे भाव) — मंगल का यह गोचर घर में तनाव और ज़मीन-जायदाद के मामलों में उलझन दे सकता है; संपत्ति के फ़ैसले टालें और घर में धीमे स्वर में बात करें।
- बुध आपसे छठे भाव में: बुध का यह गोचर समझदारी से विरोधियों को जवाब देने और उलझे काम सुलझाने में मदद करता है; प्रतियोगी परीक्षा और काग़ज़ी काम में सफलता के योग हैं।
- शुक्र आपसे पाँचवें भाव में: शुक्र का यह गोचर प्रेम, रचनात्मकता और बच्चों से जुड़ी ख़ुशी बढ़ाता है; कला, मनोरंजन और रिश्तों में अपनापन बढ़ाने का अच्छा समय है।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे पाँचवें भाव) — शुक्र का यह गोचर प्रेम, रचनात्मकता और बच्चों से जुड़ी ख़ुशी बढ़ाता है; कला, मनोरंजन और रिश्तों में अपनापन बढ़ाने का अच्छा समय है।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे छठे भाव) — शुक्र का यह गोचर खान-पान में लापरवाही और रिश्तों में खटपट ला सकता है; संयम रखें और शुक्रवार को 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' जपें।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे चौथे भाव में: गुरु का यह गोचर घर-परिवार और संपत्ति के मामलों में कुछ चिंता या देरी दे सकता है; घर में पूजा-पाठ का माहौल रखें और माता का ख़याल रखें।
- शनि आपसे ग्यारहवें भाव में: शनि का यह गोचर मेहनत का ठोस फल, आमदनी में स्थिरता और पुराने प्रयासों से लाभ देता है; लंबी योजनाओं और बचत के लिए अच्छा समय है।
- राहु आपसे दसवें भाव में: राहु का यह गोचर काम में अचानक बदलाव या दफ़्तर की खींचतान ला सकता है; काम साफ़-सुथरा रखें, ग़लत छोटे रास्तों से बचें और नए प्रस्ताव परखें।
- इस समय आप पर न साढ़ेसाती है, न शनि की ढैया; फिर भी मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की मदद करना शुभ माना गया है।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 1, 2, 8, 9, 10, 11, 12, 18, 19, 20, 21, 24, 25, 28, 29
सँभलकर चलने के दिन: 3, 4, 13, 14, 22, 23, 30
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
वृषभ — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
वृषभ राशिचक्र की दूसरी राशि है। तत्व पृथ्वी, स्वामी शुक्र, चिह्न बैल — जो धीरे चलता है, पर बोझ उठाकर दूर तक ले जाता है। यह स्थिर राशि है और चंद्रमा यहाँ उच्च का माना जाता है, इसलिए वृषभ वालों का मन आम तौर पर टिका हुआ रहता है। इसके नक्षत्र हैं कृत्तिका के अंतिम तीन चरण, रोहिणी और मृगशिरा के पहले दो चरण। ये सोच-समझकर चलते हैं और जो पकड़ लेते हैं, उसे निभाते हैं।
ताक़त: धीरज, लगन, पैसे और चीज़ों को सँभालकर रखने की समझ, और सुंदरता व स्वाद की परख। संगीत, कला, खान-पान, कपड़ा, बैंक-लेखा, खेती-ज़मीन जैसे काम इन्हें जमते हैं। वाणी में मिठास हो तो लोग इनकी बात मानते हैं। परिवार और घर का आराम इनके लिए बहुत मायने रखता है।
ध्यान रखने की बातें: ज़िद, बदलाव से कतराना, और आराम की आदत का आलस में बदल जाना। कई बार ये अपनी राय पर इतना अड़ जाते हैं कि अच्छा मौक़ा निकल जाता है। खान-पान में संयम और रोज़ की सैर इनके लिए ख़ास फ़ायदेमंद है। पुरानी चीज़ों, आदतों या नाराज़गी को कसकर पकड़े रहना छोड़ना भी सीखें।
रिश्तों में: वृषभ वाले वफ़ादार, स्थिर और साथी की छोटी-छोटी ज़रूरतों का ध्यान रखने वाले होते हैं। उन्हें भरोसा जमने में समय लगता है, पर एक बार जम जाए तो रिश्ता लंबा चलता है। अपनापन वे बातों से कम, सेवा और सुविधा से ज़्यादा जताते हैं — साथी को यह समझना चाहिए। किसका मेल इनसे अच्छा बैठेगा, यह सिर्फ़ राशि नहीं बताती; दोनों की कुंडली का मिलान ही गुण, दोष और उपाय साफ़ करता है।
सरल उपाय: शुक्रवार से शुरू करके रोज़ शुक्र का बीज मंत्र एक माला जपें, 43 दिन बिना नागा:
"ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः"
शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के आगे घी का दीपक जलाएँ और सफ़ेद चीज़ें — चावल, दूध या मिश्री — किसी ज़रूरतमंद को दान करें।
वृषभ का ऊपर दिखा दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल रोज़ के असली गोचर से बनता है, इसलिए यह हर दिन बदलता है — कल का फल आज जैसा नहीं होगा।
मिथुन राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
शुभ दिन चंद्रमा तीसरे भाव में है — हिम्मत और उत्साह बढ़ेगा, भाई-बहन या दोस्तों का साथ मिलेगा और छोटे लाभ के योग हैं।
- काम जो काम टल रहा था, उसे आज आगे बढ़ाने की हिम्मत आएगी; छोटी यात्रा, फ़ोन या संदेश से काम बन सकता है।
- धन मेहनत का छोटा-सा फल मिलने के आसार हैं; किसी मित्र की सलाह से पैसों का कोई काम सुलझ सकता है।
- परिवार और रिश्ते भाई-बहनों से बात करने का अच्छा दिन है; कोई पुरानी ग़लतफ़हमी हो तो आज प्यार से सुलझ सकती है।
- सेहत ऊर्जा अच्छी रहेगी; थोड़ी सैर या हल्का व्यायाम मन और शरीर दोनों को और ताज़ा कर देगा।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से तीसरे भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे चौथे भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: शुक्र · शुभ रंग: हल्का गुलाबी · शुभ अंक: 6
आज का उपाय: किसी मित्र या भाई-बहन की मदद करें; सुबह सूर्य को जल अर्पित करने से दिन भर हिम्मत बनी रहेगी।
मिथुन राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: सोमवार (2 नवंबर), रविवार (8 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे पाँचवें भाव में: बुध का यह गोचर पढ़ाई में ध्यान और फ़ैसलों में स्पष्टता घटा सकता है; बच्चों की पढ़ाई देखें और 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' जपें।
- शुक्र (वक्री) आपसे पाँचवें भाव में: शुक्र का यह गोचर प्रेम, रचनात्मकता और बच्चों से जुड़ी ख़ुशी बढ़ाता है; कला, मनोरंजन और रिश्तों में अपनापन बढ़ाने का अच्छा समय है।
- मंगल आपसे दूसरे भाव में: मंगल का यह गोचर वाणी में तीखापन और पैसों में खिंचाव ला सकता है; परिवार में शांत रहें, उधार में सतर्क रहें और जल्दबाज़ी में ख़र्च न करें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे चौथे भाव) — शुक्र का यह गोचर घर में सुख, सजावट और वाहन या घरेलू सुविधा के योग देता है; परिवार के साथ शांत, आरामदायक समय बीतेगा।
मिथुन राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे पाँचवें भाव में: सूर्य का यह गोचर फ़ैसलों में जल्दबाज़ी और बच्चों को लेकर चिंता दे सकता है; पढ़ाई और योजनाओं में धैर्य रखें और पाचन का ध्यान रखें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे छठे भाव: सूर्य का यह गोचर विरोधियों पर जीत, सेहत में सुधार और काम पर पकड़ देता है; पुराने विवाद और कर्ज़ सुलझाने का अच्छा समय है।
- मंगल आपसे तीसरे भाव में: मंगल का यह गोचर साहस, जोश और पराक्रम देता है; मुश्किल काम हाथ में लेने, प्रतियोगिता जीतने और भाई-बहनों के साथ मिलकर कुछ करने का अच्छा समय है।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे तीसरे भाव) — मंगल का यह गोचर साहस, जोश और पराक्रम देता है; मुश्किल काम हाथ में लेने, प्रतियोगिता जीतने और भाई-बहनों के साथ मिलकर कुछ करने का अच्छा समय है।
- बुध आपसे पाँचवें भाव में: बुध का यह गोचर पढ़ाई में ध्यान और फ़ैसलों में स्पष्टता घटा सकता है; बच्चों की पढ़ाई देखें और 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' जपें।
- शुक्र आपसे चौथे भाव में: शुक्र का यह गोचर घर में सुख, सजावट और वाहन या घरेलू सुविधा के योग देता है; परिवार के साथ शांत, आरामदायक समय बीतेगा।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे चौथे भाव) — शुक्र का यह गोचर घर में सुख, सजावट और वाहन या घरेलू सुविधा के योग देता है; परिवार के साथ शांत, आरामदायक समय बीतेगा।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे पाँचवें भाव) — शुक्र का यह गोचर प्रेम, रचनात्मकता और बच्चों से जुड़ी ख़ुशी बढ़ाता है; कला, मनोरंजन और रिश्तों में अपनापन बढ़ाने का अच्छा समय है।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे तीसरे भाव में: गुरु के इस गोचर में मेहनत के बाद भी नतीजे धीमे आ सकते हैं; छोटे लक्ष्य बनाएँ, नियमित रहें और बड़ों का आशीर्वाद लें।
- शनि आपसे दसवें भाव में: शनि का यह गोचर काम का बोझ बढ़ा सकता है और पहचान देर से दे सकता है; नियम से काम करें, अधिकारियों से तालमेल रखें और धीरज रखें।
- राहु आपसे नौवें भाव में: राहु का यह गोचर आस्था में दुविधा और बड़ों से मतभेद ला सकता है; नई राह चुनने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लें और विनम्र रहें।
- इस समय आप पर न साढ़ेसाती है, न शनि की ढैया; फिर भी मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की मदद करना शुभ माना गया है।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 3, 4, 10, 11, 12, 13, 14, 20, 21, 22, 23, 26, 27, 30
सँभलकर चलने के दिन: 5, 6, 7, 15, 16, 17, 24, 25
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
मिथुन — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
मिथुन तीसरी राशि है। तत्व वायु, स्वामी बुध, चिह्न एक जोड़ा — स्त्री और पुरुष, जिनके हाथ में गदा और वीणा है। यह द्विस्वभाव राशि (दो तरह के स्वभाव वाली, लचीली) है। इसके नक्षत्र हैं मृगशिरा के अंतिम दो चरण, आर्द्रा और पुनर्वसु के पहले तीन चरण। सरल शब्दों में, मिथुन वाले जिज्ञासु, बातूनी और तेज़ दिमाग़ के होते हैं; एक साथ कई बातें सोच लेते हैं और नई चीज़ जल्दी सीखते हैं।
ताक़त: बातचीत की कला, लिखना-पढ़ना, हिसाब-किताब, व्यापार की समझ और हर माहौल में घुल-मिल जाना। पत्रकारिता, पढ़ाना, मार्केटिंग, यात्रा, कंप्यूटर और सलाह से जुड़े काम इन्हें अच्छे लगते हैं। हँसी-मज़ाक़ से वे भारी माहौल भी हल्का कर देते हैं। बुध के कारण इनकी वाणी में चतुराई और तर्क दोनों रहते हैं।
ध्यान रखने की बातें: मन का बहुत भटकना, एक काम पूरा होने से पहले दूसरा पकड़ लेना, और ज़्यादा सोचने से बेचैनी। कभी-कभी मज़ाक़ में कही बात सामने वाले को चुभ जाती है। नींद पूरी रखना, रोज़ कुछ देर फ़ोन से दूर रहना और लिखकर काम की सूची बनाना इनके लिए बहुत काम का है। वादा उतना ही करें जितना निभ सके।
रिश्तों में: मिथुन वालों को ऐसा साथी भाता है जिससे खुलकर बात हो सके — बातचीत ही उनके लिए अपनापन है। चुप्पी या रूठना उन्हें जल्दी बेचैन करता है। वे रिश्ते में नयापन चाहते हैं, इसलिए साथ घूमना, साथ पढ़ना या कोई नया शौक़ बाँटना रिश्ते को ताज़ा रखता है। किसकी कुंडली इनसे मेल खाएगी, यह राशि का अंदाज़ा नहीं, दोनों की पूरी कुंडली का मिलान तय करता है।
सरल उपाय: बुधवार से शुरू करके रोज़ बुध का बीज मंत्र एक माला जपें, कम से कम 43 दिन:
"ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः"
बुधवार को गणेश जी को दूर्वा चढ़ाकर "ॐ गं गणपतये नमः" जपें, और गाय को हरा चारा खिलाएँ या हरी मूँग का दान करें।
मिथुन का ऊपर दिया राशिफल — आज, इस सप्ताह और इस महीने का — हर दिन ग्रहों की ताज़ा स्थिति से गिना जाता है, इसलिए रोज़ बदलता है।
कर्क राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
मिला-जुला दिन चंद्रमा दूसरे भाव में है — ख़र्च थोड़े बढ़ सकते हैं और बातचीत में शब्द सोच-समझकर चुनना आज सबसे काम आएगा।
- काम काम सामान्य गति से चलेगा; मीटिंग या बातचीत में कड़वी बात से बचें, नरम शब्दों से काम जल्दी बनेगा।
- धन अनचाहे ख़र्च सामने आ सकते हैं; आज कोई बड़ी ख़रीदारी टालें और ज़रूरी चीज़ों की सूची बनाकर ही पैसा निकालें।
- परिवार और रिश्ते परिवार में किसी बात पर मतभेद हो तो धीमे स्वर में बात करें; मीठी वाणी से घर का माहौल अच्छा रहेगा।
- सेहत आँखों और गले का ध्यान रखें; बहुत ठंडा या तला-भुना खाने से बचें और दिन भर पानी पर्याप्त पिएँ।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से दूसरे भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे तीसरे भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: गुरु · शुभ रंग: पीला · शुभ अंक: 3
आज का उपाय: बोलने से पहले एक पल रुकें; शाम को चंद्र मंत्र 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' का 11 बार जप करें।
कर्क राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: सोमवार (2 नवंबर), गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: रविवार (8 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे चौथे भाव में: बुध का यह गोचर घर में सुख, पढ़ाई में मन और परिवार में अच्छी बातचीत देता है; घर से जुड़े काम और योजनाएँ आसानी से बन सकती हैं।
- शुक्र (वक्री) आपसे चौथे भाव में: शुक्र का यह गोचर घर में सुख, सजावट और वाहन या घरेलू सुविधा के योग देता है; परिवार के साथ शांत, आरामदायक समय बीतेगा।
- मंगल आपसे पहले भाव में: मंगल का यह गोचर ग़ुस्सा और जल्दबाज़ी बढ़ा सकता है; वाहन और औज़ार सावधानी से चलाएँ, बहस टालें और मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे तीसरे भाव) — शुक्र का यह गोचर मेल-जोल, कला और छोटी सुखद यात्राओं के योग बनाता है; भाई-बहनों और मित्रों से संबंध मधुर रहेंगे।
कर्क राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे चौथे भाव में: सूर्य का यह गोचर घर में मतभेद और मन की बेचैनी ला सकता है; माता की सेहत का ध्यान रखें और अधिकार जताने की जगह मिल-जुलकर फ़ैसले लें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे पाँचवें भाव: सूर्य का यह गोचर फ़ैसलों में जल्दबाज़ी और बच्चों को लेकर चिंता दे सकता है; पढ़ाई और योजनाओं में धैर्य रखें और पाचन का ध्यान रखें।
- मंगल आपसे दूसरे भाव में: मंगल का यह गोचर वाणी में तीखापन और पैसों में खिंचाव ला सकता है; परिवार में शांत रहें, उधार में सतर्क रहें और जल्दबाज़ी में ख़र्च न करें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे दूसरे भाव) — मंगल का यह गोचर वाणी में तीखापन और पैसों में खिंचाव ला सकता है; परिवार में शांत रहें, उधार में सतर्क रहें और जल्दबाज़ी में ख़र्च न करें।
- बुध आपसे चौथे भाव में: बुध का यह गोचर घर में सुख, पढ़ाई में मन और परिवार में अच्छी बातचीत देता है; घर से जुड़े काम और योजनाएँ आसानी से बन सकती हैं।
- शुक्र आपसे तीसरे भाव में: शुक्र का यह गोचर मेल-जोल, कला और छोटी सुखद यात्राओं के योग बनाता है; भाई-बहनों और मित्रों से संबंध मधुर रहेंगे।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे तीसरे भाव) — शुक्र का यह गोचर मेल-जोल, कला और छोटी सुखद यात्राओं के योग बनाता है; भाई-बहनों और मित्रों से संबंध मधुर रहेंगे।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे चौथे भाव) — शुक्र का यह गोचर घर में सुख, सजावट और वाहन या घरेलू सुविधा के योग देता है; परिवार के साथ शांत, आरामदायक समय बीतेगा।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे दूसरे भाव में: गुरु का यह गोचर धन-संचय, परिवार में सुख और वाणी में प्रभाव देता है; बचत बढ़ाने और घर में शुभ काम की योजना बनाने का अच्छा समय है।
- शनि आपसे नौवें भाव में: शनि के इस गोचर में भाग्य के काम धीमे चल सकते हैं और पिता से दूरी बन सकती है; कर्म पर भरोसा रखें, बड़ों की सेवा करें।
- राहु आपसे आठवें भाव में: राहु का यह गोचर अचानक बदलाव और अनचाहे ख़र्च ला सकता है; जोखिम से बचें, सेहत देखें और शनिवार को 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' जपें।
- इस समय आप पर न साढ़ेसाती है, न शनि की ढैया; फिर भी मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की मदद करना शुभ माना गया है।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 1, 2, 5, 6, 7, 13, 14, 15, 16, 17, 22, 23, 24, 25, 28, 29
सँभलकर चलने के दिन: 8, 9, 18, 19, 26, 27
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
कर्क — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
कर्क चौथी राशि है। तत्व जल, स्वामी चंद्रमा, चिह्न केकड़ा — बाहर से कड़ा खोल, भीतर कोमल मन। यह चर राशि है; गुरु यहाँ उच्च का और मंगल नीच का माना जाता है। इसके नक्षत्र हैं पुनर्वसु का अंतिम चरण, पुष्य और आश्लेषा। कर्क वाले भावुक, अपनों की परवाह करने वाले और घर से गहरे जुड़े होते हैं। माँ, परिवार और पुरानी यादें उनके मन का बड़ा हिस्सा होती हैं।
ताक़त: देखभाल, याददाश्त, कल्पना, और लोगों के मन की बात बिना कहे समझ लेना। घर सँभालना, पढ़ाना, सेवा-नर्सिंग, खान-पान, होटल, जल से जुड़े काम और लोगों से सीधा जुड़ने वाले काम इन्हें जमते हैं। ज़रूरत पड़ने पर ये अपनों के लिए बहुत मज़बूती से खड़े होते हैं — केकड़े की पकड़ की तरह।
ध्यान रखने की बातें: मूड का जल्दी बदलना, बात को दिल पर ले लेना, और पुरानी चोट को लंबे समय तक पकड़े रखना। स्वामी चंद्रमा हर सवा दो दिन में राशि बदलता है, इसलिए माना जाता है कि कर्क वालों को रोज़ के चंद्र-गोचर का असर कुछ ज़्यादा महसूस होता है। मन भारी हो तो किसी भरोसेमंद से बात करना, भरपूर पानी पीना और समय से सोना सहारा देता है।
रिश्तों में: कर्क वाले साथी को घर जैसा सुकून देना चाहते हैं — खाना, ख़याल, छोटी-छोटी बातें याद रखना। बदले में वे भावनात्मक अपनापन चाहते हैं; रूखा जवाब उन्हें जल्दी आहत करता है। शिकायत को मन में दबाने के बजाय नरमी से कह देना उनके लिए अच्छा है। कौन-सा साथी इनसे सबसे अच्छा मेल करेगा, यह राशियों की कोई सूची नहीं — दोनों की कुंडली देखकर किया गया मिलान बताता है।
सरल उपाय: सोमवार से शुरू करके रोज़ चंद्र का बीज मंत्र एक माला जपें, 43 दिन बिना नागा:
"ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः"
सोमवार को शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाकर "ॐ नमः शिवाय" जपें और चावल या सफ़ेद वस्त्र का दान करें।
कर्क का ऊपर वाला दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल असली गोचर से रोज़ नए सिरे से गिना जाता है — इसलिए उसे रोज़ देखें।
सिंह राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
शुभ दिन चंद्रमा आपकी ही राशि में है — मन हल्का और प्रसन्न रहेगा, दिन सुख-सुविधा और आराम के साथ बीतने के आसार हैं।
- काम काम में मन लगेगा और आत्मविश्वास बना रहेगा; जो काम आज शुरू करें, उसे पूरे उत्साह से आगे बढ़ा सकेंगे।
- धन पैसों के मामले में दिन संतुलित है; छोटी-मोटी ख़ुशी पर ख़र्च हो सकता है, पर बजट हाथ में रहेगा।
- परिवार और रिश्ते घर में अच्छा भोजन और हँसी-ख़ुशी का माहौल रहेगा; परिवार के साथ बैठकर बातें करने से अपनापन बढ़ेगा।
- सेहत शरीर में स्फूर्ति रहेगी; बस स्वादिष्ट भोजन के बीच मात्रा का ध्यान रखें ताकि पेट हल्का रहे।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से पहले भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे दूसरे भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: शुक्र · शुभ रंग: हल्का गुलाबी · शुभ अंक: 6
आज का उपाय: दिन की शुरुआत माता या घर की किसी बड़ी स्त्री का आशीर्वाद लेकर करें और किसी को मीठा खिलाएँ।
सिंह राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर), रविवार (8 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: सोमवार (2 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे तीसरे भाव में: बुध का यह गोचर छोटी यात्राओं और लिखा-पढ़ी में अड़चन या थकान दे सकता है; भाई-बहनों से बहस टालें और ज़रूरी संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र (वक्री) आपसे तीसरे भाव में: शुक्र का यह गोचर मेल-जोल, कला और छोटी सुखद यात्राओं के योग बनाता है; भाई-बहनों और मित्रों से संबंध मधुर रहेंगे।
- मंगल आपसे बारहवें भाव में: मंगल का यह गोचर ख़र्च, भागदौड़ और नींद में खलल ला सकता है; बजट बनाकर चलें, ग़ुस्से में फ़ैसले न लें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे दूसरे भाव) — शुक्र का यह गोचर धन, अच्छा भोजन और परिवार में मधुरता देता है; वाणी की मिठास से काम बनेंगे और घर के लिए सुंदर चीज़ें आ सकती हैं।
सिंह राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे तीसरे भाव में: सूर्य का यह गोचर साहस, आत्मविश्वास और मान बढ़ाता है; रुके काम आगे बढ़ेंगे, छोटी यात्राएँ लाभ दे सकती हैं और भाई-बहनों का साथ मिलेगा।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे चौथे भाव: सूर्य का यह गोचर घर में मतभेद और मन की बेचैनी ला सकता है; माता की सेहत का ध्यान रखें और अधिकार जताने की जगह मिल-जुलकर फ़ैसले लें।
- मंगल आपसे पहले भाव में: मंगल का यह गोचर ग़ुस्सा और जल्दबाज़ी बढ़ा सकता है; वाहन और औज़ार सावधानी से चलाएँ, बहस टालें और मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे पहले भाव) — मंगल का यह गोचर ग़ुस्सा और जल्दबाज़ी बढ़ा सकता है; वाहन और औज़ार सावधानी से चलाएँ, बहस टालें और मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें।
- बुध आपसे तीसरे भाव में: बुध का यह गोचर छोटी यात्राओं और लिखा-पढ़ी में अड़चन या थकान दे सकता है; भाई-बहनों से बहस टालें और ज़रूरी संदेश दोबारा जाँचें।
- शुक्र आपसे दूसरे भाव में: शुक्र का यह गोचर धन, अच्छा भोजन और परिवार में मधुरता देता है; वाणी की मिठास से काम बनेंगे और घर के लिए सुंदर चीज़ें आ सकती हैं।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे दूसरे भाव) — शुक्र का यह गोचर धन, अच्छा भोजन और परिवार में मधुरता देता है; वाणी की मिठास से काम बनेंगे और घर के लिए सुंदर चीज़ें आ सकती हैं।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे तीसरे भाव) — शुक्र का यह गोचर मेल-जोल, कला और छोटी सुखद यात्राओं के योग बनाता है; भाई-बहनों और मित्रों से संबंध मधुर रहेंगे।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे पहले भाव में: गुरु का यह गोचर मन में बेचैनी और भटकाव दे सकता है; बड़े फ़ैसले सोच-समझकर लें और गुरुवार को 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' जपें।
- शनि आपसे आठवें भाव में: शनि का यह गोचर सेहत में सुस्ती और कामों में धीमापन ला सकता है; दिनचर्या नियमित रखें और शनिवार को 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' जपें।
- राहु आपसे सातवें भाव में: राहु का यह गोचर दांपत्य या साझेदारी में शक और ग़लतफ़हमी ला सकता है; मन की बात खुलकर कहें, नए साझेदार को परखें और भरोसा बनाए रखें।
- शनि आपकी राशि से आठवें भाव में है — इसे अष्टम शनि की ढैया कहते हैं; सेहत और जोखिम वाले कामों में सावधानी रखें, धैर्य से चलें और शनिवार को 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' जपें।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 3, 4, 8, 9, 15, 16, 17, 18, 19, 24, 25, 26, 27, 30
सँभलकर चलने के दिन: 1, 2, 10, 11, 12, 20, 21, 28, 29
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
सिंह — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
सिंह पाँचवीं राशि है। तत्व अग्नि, स्वामी सूर्य, चिह्न शेर — जंगल का राजा। यह स्थिर राशि है। इसके नक्षत्र हैं मघा, पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी का पहला चरण। सूर्य जैसा स्वामी होने से सिंह वालों में आत्मसम्मान, उदारता और आगे रहकर नेतृत्व करने की इच्छा स्वाभाविक होती है। वे जहाँ भी जाते हैं, उनकी मौजूदगी महसूस होती है, और लोग अक्सर उनसे राह की उम्मीद रखते हैं।
ताक़त: आत्मविश्वास, बड़ा दिल, ज़िम्मेदारी लेने का साहस, और रचनात्मकता। प्रशासन, सरकारी काम, राजनीति, मंच, अभिनय, खेल और प्रबंधन जैसे क्षेत्र इनके अनुकूल माने जाते हैं। ये अपनों की रक्षा दिल से करते हैं और दिया हुआ वचन निभाना इज़्ज़त का सवाल मानते हैं। इनकी गर्मजोशी आसपास के लोगों को भी हौसला देती है।
ध्यान रखने की बातें: अहंकार, सब पर अपनी बात मनवाने की आदत, और तारीफ़ न मिलने पर नाराज़गी। कभी-कभी "मैं ही सही हूँ" की ज़िद रिश्तों और काम दोनों में दूरी बना देती है। दूसरों को भी श्रेय देना और सुनने का धैर्य रखना सिंह वालों की सबसे बड़ी साधना है। पिता और बड़ों से रिश्ता अच्छा रखें — सूर्य इन्हीं का कारक है।
रिश्तों में: सिंह वाले साथी के प्रति वफ़ादार, उदार और खुलकर प्यार जताने वाले होते हैं। उन्हें सम्मान और सराहना चाहिए; साथी सबके सामने उनकी बात काट दे तो उन्हें गहरी चोट लगती है। वे भी साथी की राय को बराबर जगह दें, तो रिश्ता मज़बूत और सुरक्षित रहता है। विवाह में मेल राशि के नाम से नहीं, दोनों की कुंडली के मिलान से परखा जाता है।
सरल उपाय: रविवार से शुरू करके रोज़ सूर्योदय के बाद ताँबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएँ और सूर्य का बीज मंत्र एक माला जपें, कम से कम 43 दिन:
"ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"
रविवार को गेहूँ या गुड़ का दान करें; चाहें तो गायत्री मंत्र का जप भी जोड़ें।
सिंह का ऊपर लिखा दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल रोज़ ग्रहों की असली चाल से बदलता है, इसलिए आज का फल आज के लिए है।
कन्या राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
सँभलकर चलने का दिन चंद्रमा बारहवें भाव में है — ख़र्च बढ़ सकते हैं और थकान लग सकती है; आज आराम लें और उधार देने से बचें।
- काम काम की गति धीमी रह सकती है; नए काम की जगह पुराने काम पूरे करें और शाम को दिन का हिसाब देख लें।
- धन यात्रा, दवा या दूसरों की ज़रूरत पर ख़र्च हो सकता है; आज किसी को उधार न दें और बचत को हाथ न लगाएँ।
- परिवार और रिश्ते घर के लोग आपसे समय माँगें तो प्यार से दें; दूर रहने वाले किसी अपने से फ़ोन पर बात मन हल्का करेगी।
- सेहत नींद पूरी लें और आँखों को आराम दें; देर रात तक जागने और ज़्यादा भागदौड़ से आज बचें।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से बारहवें भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे पहले भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: शुक्र · शुभ रंग: हल्का गुलाबी · शुभ अंक: 6
आज का उपाय: सोने से पहले चंद्र मंत्र 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' का जप करें और किसी ज़रूरतमंद को चावल या दूध दान करें।
कन्या राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: सोमवार (2 नवंबर), गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: रविवार (8 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे दूसरे भाव में: बुध का यह गोचर वाणी में मिठास और व्यापार में समझदारी देता है; बातचीत से कमाई, हिसाब सुधारने और परिवार से तालमेल का अच्छा समय है।
- शुक्र (वक्री) आपसे दूसरे भाव में: शुक्र का यह गोचर धन, अच्छा भोजन और परिवार में मधुरता देता है; वाणी की मिठास से काम बनेंगे और घर के लिए सुंदर चीज़ें आ सकती हैं।
- मंगल आपसे ग्यारहवें भाव में: मंगल का यह गोचर आमदनी, ज़मीन-जायदाद से लाभ और मित्रों के सहयोग के योग बनाता है; मेहनत से किए गए प्रयास अच्छा फल दे सकते हैं।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे पहले भाव) — शुक्र का यह गोचर आकर्षण, सुख-सुविधा और मन की प्रसन्नता बढ़ाता है; कला, सजावट और अपनों के साथ अच्छा समय बिताने के योग हैं।
कन्या राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे दूसरे भाव में: सूर्य का यह गोचर ख़र्च और वाणी की कठोरता बढ़ा सकता है; परिवार से नरमी से बोलें, आँखों का ध्यान रखें और पैसों का हिसाब साफ़ रखें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे तीसरे भाव: सूर्य का यह गोचर साहस, आत्मविश्वास और मान बढ़ाता है; रुके काम आगे बढ़ेंगे, छोटी यात्राएँ लाभ दे सकती हैं और भाई-बहनों का साथ मिलेगा।
- मंगल आपसे बारहवें भाव में: मंगल का यह गोचर ख़र्च, भागदौड़ और नींद में खलल ला सकता है; बजट बनाकर चलें, ग़ुस्से में फ़ैसले न लें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे बारहवें भाव) — मंगल का यह गोचर ख़र्च, भागदौड़ और नींद में खलल ला सकता है; बजट बनाकर चलें, ग़ुस्से में फ़ैसले न लें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- बुध आपसे दूसरे भाव में: बुध का यह गोचर वाणी में मिठास और व्यापार में समझदारी देता है; बातचीत से कमाई, हिसाब सुधारने और परिवार से तालमेल का अच्छा समय है।
- शुक्र आपसे पहले भाव में: शुक्र का यह गोचर आकर्षण, सुख-सुविधा और मन की प्रसन्नता बढ़ाता है; कला, सजावट और अपनों के साथ अच्छा समय बिताने के योग हैं।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे पहले भाव) — शुक्र का यह गोचर आकर्षण, सुख-सुविधा और मन की प्रसन्नता बढ़ाता है; कला, सजावट और अपनों के साथ अच्छा समय बिताने के योग हैं।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे दूसरे भाव) — शुक्र का यह गोचर धन, अच्छा भोजन और परिवार में मधुरता देता है; वाणी की मिठास से काम बनेंगे और घर के लिए सुंदर चीज़ें आ सकती हैं।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे बारहवें भाव में: गुरु का यह गोचर ख़र्च बढ़ा सकता है, पर ज़्यादातर धर्म, परिवार या यात्रा पर; बजट बनाकर चलें और दान-पुण्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही करें।
- शनि आपसे सातवें भाव में: शनि का यह गोचर दांपत्य और साझेदारी में दूरी या देरी ला सकता है; जीवनसाथी के साथ धैर्य रखें, वादे निभाएँ और लंबी यात्रा में आराम लें।
- राहु आपसे छठे भाव में: राहु का यह गोचर विरोधियों पर बढ़त, प्रतियोगिता में सफलता और पुरानी अड़चनों से छुटकारा देता है; मेहनत और चतुराई से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
- इस समय आप पर न साढ़ेसाती है, न शनि की ढैया; फिर भी मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की मदद करना शुभ माना गया है।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 1, 2, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 18, 19, 20, 21, 26, 27, 28, 29
सँभलकर चलने के दिन: 3, 4, 13, 14, 22, 23, 30
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
कन्या — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
कन्या छठी राशि है। तत्व पृथ्वी, स्वामी बुध, चिह्न नाव में बैठी कन्या, जिसके एक हाथ में अनाज और दूसरे में दीपक है। यह द्विस्वभाव राशि है; बुध यहाँ उच्च का और शुक्र नीच का माना जाता है। इसके नक्षत्र हैं उत्तरा फाल्गुनी के अंतिम तीन चरण, हस्त और चित्रा के पहले दो चरण। स्वभाव से कन्या वाले बारीकी से देखने वाले, व्यवस्थित और व्यावहारिक होते हैं। वे हर काम ठीक ढंग से, पूरा और साफ़-सुथरा करना चाहते हैं।
ताक़त: विश्लेषण, हिसाब, सेवा-भाव, सेहत और सफ़ाई की समझ, और योजना बनाकर काम करना। लेखा, दवा-चिकित्सा से जुड़े काम, शोध, संपादन, पढ़ाना, कंप्यूटर और प्रबंधन जैसे क्षेत्र इनके अनुकूल हैं। ये चुपचाप वह काम कर देते हैं जिसे बाक़ी लोग टालते हैं, और समस्या का व्यावहारिक हल ढूँढ़ने में माहिर होते हैं।
ध्यान रखने की बातें: ज़रूरत से ज़्यादा चिंता, हर चीज़ में कमी ढूँढ़ना, और ख़ुद पर बहुत सख़्ती। "सब कुछ एकदम सही हो" की चाह कभी-कभी काम को रोक देती है और मन थका देती है। दूसरों की ग़लती बताते समय शब्द नरम रखें। रोज़ थोड़ा टहलना, प्राणायाम, और "जितना हुआ, अच्छा हुआ" कहना सीखना इनके मन को हल्का करता है।
रिश्तों में: कन्या वाले प्यार ज़्यादातर काम से जताते हैं — साथी की दवा याद रखना, घर सँवारना, हिसाब सँभालना। वे दिखावे से दूर रहते हैं, इसलिए साथी को कभी लग सकता है कि वे भावना कम दिखाते हैं; दो मीठे शब्द बहुत फ़र्क़ डालते हैं। रिश्ते में आलोचना की जगह सुझाव रखें। मेल कैसा रहेगा, यह राशि नहीं — दोनों की पूरी कुंडली का मिलान बताता है।
सरल उपाय: बुधवार से शुरू करके रोज़ सुबह बुध का बीज मंत्र एक माला (108 बार) जपें, 43 दिन बिना नागा:
"ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः"
बुधवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" जपें, और हरी मूँग का दान करें।
कन्या का ऊपर दिया आज का, साप्ताहिक और मासिक राशिफल हर दिन के असली गोचर से गिना जाता है और रोज़ बदलता है।
तुला राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
शुभ दिन चंद्रमा ग्यारहवें भाव में है — लाभ के योग, कोई अच्छी ख़बर और दोस्तों से मिलना-जुलना; दिन उत्साह से भरा रहेगा।
- काम काम में अपेक्षा से अच्छा परिणाम मिल सकता है; संपर्कों और पुराने साथियों की मदद से कोई रास्ता खुलेगा।
- धन आमदनी के लिहाज़ से अच्छा दिन है; रुका हुआ पैसा मिलने या किसी काम से लाभ की संभावना है।
- परिवार और रिश्ते बड़े भाई-बहन या दोस्तों से मिलना सुखद रहेगा; घर में किसी शुभ समाचार से ख़ुशी का माहौल बन सकता है।
- सेहत मन प्रसन्न रहने से सेहत भी अच्छी लगेगी; बस मेल-मिलाप में खान-पान का संयम बनाए रखें।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से ग्यारहवें भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे बारहवें भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: गुरु · शुभ रंग: पीला · शुभ अंक: 3
आज का उपाय: आज के लाभ में से थोड़ा अंश दान करें या किसी को भोजन कराएँ; शुभ समाचार भगवान को धन्यवाद देकर ही बाँटें।
तुला राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: सोमवार (2 नवंबर), मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर), रविवार (8 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे पहले भाव में: बुध का यह गोचर बातचीत में ग़लतफ़हमी और मन में उलझन ला सकता है; बोलने-लिखने से पहले दोबारा सोचें और काग़ज़ ध्यान से पढ़ें।
- शुक्र (वक्री) आपसे पहले भाव में: शुक्र का यह गोचर आकर्षण, सुख-सुविधा और मन की प्रसन्नता बढ़ाता है; कला, सजावट और अपनों के साथ अच्छा समय बिताने के योग हैं।
- मंगल आपसे दसवें भाव में: मंगल का यह गोचर काम में दबाव और अधिकारियों से टकराव ला सकता है; ऊर्जा मेहनत में लगाएँ, बहस से बचें और नियमों का पालन करें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे बारहवें भाव) — शुक्र का यह गोचर आराम, अच्छी नींद और सुख-सुविधा पर ख़र्च के योग देता है; घूमने की योजना सुखद रह सकती है, बस बजट का ध्यान रखें।
तुला राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे पहले भाव में: सूर्य का यह गोचर थकान, गर्मी और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकता है; अहं से बचें, समय पर भोजन-विश्राम लें और सुबह सूर्य को जल अर्पित करें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे दूसरे भाव: सूर्य का यह गोचर ख़र्च और वाणी की कठोरता बढ़ा सकता है; परिवार से नरमी से बोलें, आँखों का ध्यान रखें और पैसों का हिसाब साफ़ रखें।
- मंगल आपसे ग्यारहवें भाव में: मंगल का यह गोचर आमदनी, ज़मीन-जायदाद से लाभ और मित्रों के सहयोग के योग बनाता है; मेहनत से किए गए प्रयास अच्छा फल दे सकते हैं।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे ग्यारहवें भाव) — मंगल का यह गोचर आमदनी, ज़मीन-जायदाद से लाभ और मित्रों के सहयोग के योग बनाता है; मेहनत से किए गए प्रयास अच्छा फल दे सकते हैं।
- बुध आपसे पहले भाव में: बुध का यह गोचर बातचीत में ग़लतफ़हमी और मन में उलझन ला सकता है; बोलने-लिखने से पहले दोबारा सोचें और काग़ज़ ध्यान से पढ़ें।
- शुक्र आपसे बारहवें भाव में: शुक्र का यह गोचर आराम, अच्छी नींद और सुख-सुविधा पर ख़र्च के योग देता है; घूमने की योजना सुखद रह सकती है, बस बजट का ध्यान रखें।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे बारहवें भाव) — शुक्र का यह गोचर आराम, अच्छी नींद और सुख-सुविधा पर ख़र्च के योग देता है; घूमने की योजना सुखद रह सकती है, बस बजट का ध्यान रखें।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे पहले भाव) — शुक्र का यह गोचर आकर्षण, सुख-सुविधा और मन की प्रसन्नता बढ़ाता है; कला, सजावट और अपनों के साथ अच्छा समय बिताने के योग हैं।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे ग्यारहवें भाव में: गुरु का यह गोचर आमदनी, इच्छाओं की पूर्ति और मित्रों के सहयोग के योग बनाता है; लंबी बचत और शुभ योजनाओं के लिए अनुकूल समय है।
- शनि आपसे छठे भाव में: शनि का यह गोचर विरोधियों पर जीत, कर्ज़ में कमी और सेहत में स्थिरता देता है; अनुशासन से किया गया हर काम अब अच्छा फल दे सकता है।
- राहु आपसे पाँचवें भाव में: राहु का यह गोचर पढ़ाई में भटकाव और जोखिम का लालच ला सकता है; सट्टे से बचें, बच्चों से बात करें और 'ॐ गं गणपतये नमः' जपें।
- इस समय आप पर न साढ़ेसाती है, न शनि की ढैया; फिर भी मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की मदद करना शुभ माना गया है।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 1, 2, 3, 4, 8, 9, 13, 14, 20, 21, 22, 23, 28, 29, 30
सँभलकर चलने के दिन: 5, 6, 7, 15, 16, 17, 24, 25
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
तुला — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
तुला सातवीं राशि है। तत्व वायु, स्वामी शुक्र, चिह्न तराज़ू — दोनों पलड़े बराबर। यह चर राशि है; शनि यहाँ उच्च का और सूर्य नीच का माना जाता है। इसके नक्षत्र हैं चित्रा के अंतिम दो चरण, स्वाति और विशाखा के पहले तीन चरण। तुला वाले संतुलन, न्याय और सुंदरता पसंद करते हैं। वे झगड़े की जगह बीच का रास्ता खोजते हैं और लोगों को जोड़ने में माहिर होते हैं।
ताक़त: मीठा व्यवहार, दोनों पक्षों को सुनने का धैर्य, कला और सजावट की समझ, और साझेदारी में काम करने की योग्यता। क़ानून, सलाह, डिज़ाइन, फ़ैशन, कला, साझेदारी का व्यापार और लोगों से जुड़े काम इन्हें अच्छे लगते हैं। इनका सलीक़ा और शिष्टता इन्हें हर जगह सम्मान दिलाती है। राशिचक्र में सातवाँ स्थान विवाह-साझेदारी का है, और तुला उसी की स्वाभाविक राशि है।
ध्यान रखने की बातें: फ़ैसला टालना, सबको ख़ुश रखने के चक्कर में अपनी बात दबा देना, और टकराव से इतना बचना कि ज़रूरी बात भी न कह पाएँ। सुंदर चीज़ों और सुविधाओं पर ख़र्च भी बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलें। छोटे फ़ैसलों के लिए समय-सीमा तय करना और विनम्रता से "ना" कहना सीखना इनके लिए बहुत काम का है।
रिश्तों में: तुला वाले रिश्ते को बहुत महत्व देते हैं — साथ, सम्मान और बराबरी इनकी पहली ज़रूरत है। वे साथी के लिए माहौल सुंदर और शांत रखना चाहते हैं। पर भीतर की नाराज़गी न कहकर मुस्कुराते रहना धीरे-धीरे दूरी बनाता है; समय पर नरमी से बात कह देना बेहतर है। साथी से मेल कितना है, यह राशि का अनुमान नहीं, दोनों कुंडलियों का पूरा मिलान तय करता है।
सरल उपाय: शुक्रवार से शुरू करके रोज़ शुक्र का बीज मंत्र एक माला जपें, कम से कम 43 दिन:
"ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः"
शुक्रवार को "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" के साथ लक्ष्मी पूजा करें और दही, चावल या सफ़ेद वस्त्र का दान करें।
तुला का ऊपर दिखा दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल असली गोचर से रोज़ नया बनता है, इसलिए हर दिन अपना फल फिर देखें।
वृश्चिक राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
शुभ दिन चंद्रमा दसवें भाव में है — काम में मन लगेगा, रुके काम पूरे होने के योग हैं और मेहनत की पहचान मिल सकती है।
- काम दफ़्तर या कारोबार में ज़िम्मेदारी अच्छे से निभा सकेंगे; अधिकारियों से बात करने और नया काम उठाने का अच्छा दिन है।
- धन काम से जुड़ी आमदनी स्थिर रहेगी; किसी पुराने भुगतान के आने की संभावना है, बस हिसाब साफ़ रखें।
- परिवार और रिश्ते काम में व्यस्त रहते हुए भी घर के लिए थोड़ा समय निकालें; पिता का साथ और आशीर्वाद हौसला बढ़ाएगा।
- सेहत ऊर्जा अच्छी रहेगी, पर काम के बीच छोटे-छोटे विराम लें और भोजन का समय न टालें।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से दसवें भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे ग्यारहवें भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: शुक्र · शुभ रंग: हल्का गुलाबी · शुभ अंक: 6
आज का उपाय: दिन का सबसे ज़रूरी काम सुबह पहले निपटाएँ; काम शुरू करने से पहले सूर्य को जल अर्पित करें।
वृश्चिक राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर), गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: सोमवार (2 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: रविवार (8 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे बारहवें भाव में: बुध का यह गोचर बेवजह के ख़र्च और मन की बेचैनी बढ़ा सकता है; ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी रखें और सोच-समझकर ही वादे करें।
- शुक्र (वक्री) आपसे बारहवें भाव में: शुक्र का यह गोचर आराम, अच्छी नींद और सुख-सुविधा पर ख़र्च के योग देता है; घूमने की योजना सुखद रह सकती है, बस बजट का ध्यान रखें।
- मंगल आपसे नौवें भाव में: मंगल का यह गोचर बड़ों और गुरुजनों से मतभेद करा सकता है, भाग्य भी धीमा लग सकता है; विनम्र रहें और पूजा-पाठ से मन स्थिर रखें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे ग्यारहवें भाव) — शुक्र का यह गोचर आमदनी, मनचाही चीज़ें और मित्रों के साथ आनंद के योग बनाता है; सामाजिक मेल-जोल से लाभ के रास्ते खुल सकते हैं।
वृश्चिक राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे बारहवें भाव में: सूर्य का यह गोचर ख़र्च और थकान बढ़ा सकता है, आत्मविश्वास भी कुछ ढीला लग सकता है; फ़िज़ूलख़र्ची रोकें, आराम पूरा लें और सुबह सूर्य को जल दें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे पहले भाव: सूर्य का यह गोचर थकान, गर्मी और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकता है; अहं से बचें, समय पर भोजन-विश्राम लें और सुबह सूर्य को जल अर्पित करें।
- मंगल आपसे दसवें भाव में: मंगल का यह गोचर काम में दबाव और अधिकारियों से टकराव ला सकता है; ऊर्जा मेहनत में लगाएँ, बहस से बचें और नियमों का पालन करें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे दसवें भाव) — मंगल का यह गोचर काम में दबाव और अधिकारियों से टकराव ला सकता है; ऊर्जा मेहनत में लगाएँ, बहस से बचें और नियमों का पालन करें।
- बुध आपसे बारहवें भाव में: बुध का यह गोचर बेवजह के ख़र्च और मन की बेचैनी बढ़ा सकता है; ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी रखें और सोच-समझकर ही वादे करें।
- शुक्र आपसे ग्यारहवें भाव में: शुक्र का यह गोचर आमदनी, मनचाही चीज़ें और मित्रों के साथ आनंद के योग बनाता है; सामाजिक मेल-जोल से लाभ के रास्ते खुल सकते हैं।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे ग्यारहवें भाव) — शुक्र का यह गोचर आमदनी, मनचाही चीज़ें और मित्रों के साथ आनंद के योग बनाता है; सामाजिक मेल-जोल से लाभ के रास्ते खुल सकते हैं।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे बारहवें भाव) — शुक्र का यह गोचर आराम, अच्छी नींद और सुख-सुविधा पर ख़र्च के योग देता है; घूमने की योजना सुखद रह सकती है, बस बजट का ध्यान रखें।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे दसवें भाव में: गुरु का यह गोचर काम में बदलाव या ज़िम्मेदारियों का दबाव ला सकता है; नौकरी बदलने में जल्दबाज़ी न करें और बड़ों से सलाह लेकर चलें।
- शनि आपसे पाँचवें भाव में: शनि का यह गोचर पढ़ाई, योजनाओं और बच्चों से जुड़े कामों में देरी दे सकता है; जल्दबाज़ी न करें, नियमित अभ्यास रखें और धैर्य रखें।
- राहु आपसे चौथे भाव में: राहु का यह गोचर घर में बेचैनी और मन में अशांति ला सकता है; घर के फ़ैसले जल्दबाज़ी में न लें और शाम को घर में दीपक जलाएँ।
- इस समय आप पर न साढ़ेसाती है, न शनि की ढैया; फिर भी मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की मदद करना शुभ माना गया है।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 3, 4, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 15, 16, 17, 22, 23, 24, 25, 30
सँभलकर चलने के दिन: 8, 9, 18, 19, 26, 27
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
वृश्चिक — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
वृश्चिक आठवीं राशि है। तत्व जल, स्वामी मंगल, चिह्न बिच्छू। यह स्थिर राशि है, और चंद्रमा यहाँ नीच का माना जाता है। इसका सीधा अर्थ इतना है कि वृश्चिक वाले मन की बातें भीतर गहरे रखते हैं — बाहर से शांत दिखते हुए भी अंदर बहुत तीव्रता से महसूस करते हैं। इसके नक्षत्र हैं विशाखा का अंतिम चरण, अनुराधा और ज्येष्ठा। ये गहरे, दृढ़ और छिपी बातों को समझने वाले होते हैं।
ताक़त: इच्छाशक्ति, गहराई तक जाकर सच ढूँढ़ने की क्षमता, संकट में शांत रहकर रास्ता निकालना, और वफ़ादारी। शोध, जाँच, चिकित्सा, बीमा, खनिज, इंजीनियरी और ज्योतिष जैसे गूढ़ विषय इन्हें आकर्षित करते हैं। जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं। कठिन समय के बाद ये पहले से ज़्यादा मज़बूत होकर उठते हैं।
ध्यान रखने की बातें: शक, जलन, बदले की भावना, और चोट को लंबे समय तक याद रखना। भावना न कहने से भीतर दबाव बढ़ता है। चंद्रमा की यह स्थिति डरने की बात नहीं — इसका अर्थ बस इतना है कि मन को खुलकर बहने का रास्ता चाहिए। ध्यान, भरोसेमंद लोगों से बातचीत और माफ़ करने का अभ्यास इनके लिए सबसे अच्छा सहारा है।
रिश्तों में: वृश्चिक वाले पूरे मन से और गहराई से जुड़ते हैं; आधा-अधूरा रिश्ता इन्हें नहीं भाता। वे वफ़ादारी देते हैं और वही चाहते हैं — छोटी-सी बात भी छिपाई जाए तो भरोसा डगमगाता है। पारदर्शिता, और शक की जगह सीधा सवाल, रिश्ते को सुरक्षित रखते हैं। कौन-सा मेल इनके लिए अच्छा है, यह राशि नहीं, दोनों की कुंडली का मिलान — गुण, नाड़ी, भकूट और मंगल — बताता है।
सरल उपाय: मंगलवार से शुरू करके रोज़ मंगल का बीज मंत्र एक माला जपें, 43 दिन बिना नागा:
"ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः"
मंगलवार को "ॐ हं हनुमते नमः" जपें, हनुमान जी के आगे दीपक जलाएँ और गुड़-चने का प्रसाद बाँटें।
वृश्चिक का ऊपर दिया राशिफल — आज, इस सप्ताह और इस महीने का — ग्रहों की ताज़ा स्थिति से हर दिन गिना जाता है, इसलिए रोज़ बदलता है।
धनु राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
मिला-जुला दिन चंद्रमा नौवें भाव में है — मेहनत का फल आज कुछ धीमा लग सकता है; श्रद्धा और धैर्य रखें, समय अपना काम करेगा।
- काम जितनी मेहनत करें, उतनी सराहना शायद आज न मिले; फिर भी काम ईमानदारी से करते रहें, वह आगे काम आएगा।
- धन पैसों में दिन सामान्य है; किसी धार्मिक काम या बड़ों की ज़रूरत पर थोड़ा ख़र्च हो सकता है, वह सार्थक रहेगा।
- परिवार और रिश्ते पिता या गुरुजनों से बात करते समय विनम्र रहें; उनकी कोई सलाह आज पुरानी उलझन सुलझा सकती है।
- सेहत थकान या सुस्ती लगे तो ज़बरदस्ती न करें; थोड़ा ध्यान, प्रार्थना या शांत संगीत मन को सहारा देगा।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से नौवें भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे दसवें भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: गुरु · शुभ रंग: पीला · शुभ अंक: 3
आज का उपाय: आज मंदिर जाएँ या घर में ही इष्टदेव के आगे दीपक जलाएँ; 'ॐ नमः शिवाय' का जप धैर्य बढ़ाता है।
धनु राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर), रविवार (8 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: सोमवार (2 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे ग्यारहवें भाव में: बुध का यह गोचर व्यापार और संपर्कों से लाभ, मित्रों से अच्छी ख़बर और नए अवसर देता है; जान-पहचान बढ़ाएँ और आमदनी के नए रास्ते सोचें।
- शुक्र (वक्री) आपसे ग्यारहवें भाव में: शुक्र का यह गोचर आमदनी, मनचाही चीज़ें और मित्रों के साथ आनंद के योग बनाता है; सामाजिक मेल-जोल से लाभ के रास्ते खुल सकते हैं।
- मंगल आपसे आठवें भाव में: मंगल का यह गोचर सेहत और यात्रा में सावधानी माँगता है; जोखिम के काम टालें, वाहन धीरे चलाएँ और ग़ुस्से को शांत रखें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे दसवें भाव) — शुक्र का यह गोचर काम में आराम की चाह बढ़ा सकता है और सहकर्मियों से मनमुटाव ला सकता है; अनुशासन बनाए रखें और दफ़्तर में व्यवहार मधुर रखें।
धनु राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे ग्यारहवें भाव में: सूर्य का यह गोचर आमदनी, मान-सम्मान और प्रभावशाली लोगों से मेल-जोल बढ़ाता है; लाभ के अवसर आएँ तो सोच-समझकर उन्हें पकड़ें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे बारहवें भाव: सूर्य का यह गोचर ख़र्च और थकान बढ़ा सकता है, आत्मविश्वास भी कुछ ढीला लग सकता है; फ़िज़ूलख़र्ची रोकें, आराम पूरा लें और सुबह सूर्य को जल दें।
- मंगल आपसे नौवें भाव में: मंगल का यह गोचर बड़ों और गुरुजनों से मतभेद करा सकता है, भाग्य भी धीमा लग सकता है; विनम्र रहें और पूजा-पाठ से मन स्थिर रखें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे नौवें भाव) — मंगल का यह गोचर बड़ों और गुरुजनों से मतभेद करा सकता है, भाग्य भी धीमा लग सकता है; विनम्र रहें और पूजा-पाठ से मन स्थिर रखें।
- बुध आपसे ग्यारहवें भाव में: बुध का यह गोचर व्यापार और संपर्कों से लाभ, मित्रों से अच्छी ख़बर और नए अवसर देता है; जान-पहचान बढ़ाएँ और आमदनी के नए रास्ते सोचें।
- शुक्र आपसे दसवें भाव में: शुक्र का यह गोचर काम में आराम की चाह बढ़ा सकता है और सहकर्मियों से मनमुटाव ला सकता है; अनुशासन बनाए रखें और दफ़्तर में व्यवहार मधुर रखें।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे दसवें भाव) — शुक्र का यह गोचर काम में आराम की चाह बढ़ा सकता है और सहकर्मियों से मनमुटाव ला सकता है; अनुशासन बनाए रखें और दफ़्तर में व्यवहार मधुर रखें।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे ग्यारहवें भाव) — शुक्र का यह गोचर आमदनी, मनचाही चीज़ें और मित्रों के साथ आनंद के योग बनाता है; सामाजिक मेल-जोल से लाभ के रास्ते खुल सकते हैं।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे नौवें भाव में: गुरु का यह गोचर भाग्य का साथ, धर्म-कर्म में रुचि और बड़ों का आशीर्वाद देता है; तीर्थ, उच्च शिक्षा और लंबी योजनाओं के लिए शुभ समय है।
- शनि आपसे चौथे भाव में: शनि का यह गोचर घर की ज़िम्मेदारियाँ और मन का बोझ बढ़ा सकता है; माता का ख़याल रखें, धैर्य से बात करें और शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ें।
- राहु आपसे तीसरे भाव में: राहु का यह गोचर साहस, नई सोच और अनोखे रास्तों से सफलता देता है; तकनीक, यात्रा या विदेश से जुड़े कामों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
- शनि आपकी राशि से चौथे भाव में है — इसे कंटक शनि की ढैया कहते हैं; घर-परिवार और मन की शांति पर ध्यान दें, माता का ख़याल रखें और शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ें।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 5, 6, 7, 8, 9, 13, 14, 18, 19, 24, 25, 26, 27
सँभलकर चलने के दिन: 1, 2, 10, 11, 12, 20, 21, 28, 29
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
धनु — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
धनु नौवीं राशि है। तत्व अग्नि, स्वामी गुरु (बृहस्पति), चिह्न धनुर्धारी — कमर से ऊपर मनुष्य और नीचे घोड़ा, जो ऊपर की ओर तीर ताने है। यह द्विस्वभाव राशि है। इसके नक्षत्र हैं मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा का पहला चरण। धनु वाले आशावादी, धर्म और ज्ञान में गहरी रुचि रखने वाले और खुले विचारों के होते हैं। उन्हें दूर का बड़ा लक्ष्य साफ़ दिखता है और वे हमेशा बड़ा सोचते हैं; परिवार में अक्सर इन्हें सलाह देने वाला माना जाता है।
ताक़त: ईमानदारी, उत्साह, पढ़ने-पढ़ाने की लगन, यात्रा का शौक़ और सही-ग़लत की समझ। शिक्षा, धर्म-आध्यात्म, क़ानून, प्रकाशन, विदेश से जुड़े काम, खेल और सलाह देने वाले काम इन्हें जमते हैं। गुरु के कारण ये दूसरों को सही राह दिखाने वाले बनते हैं और कठिन समय में भी उम्मीद नहीं छोड़ते।
ध्यान रखने की बातें: जोश में बिना सोचे मुँहफट बात कह देना, ज़रूरत से ज़्यादा वादे कर लेना, और छोटी बारीकियों को नज़रअंदाज़ करना। "सब ठीक हो जाएगा" का भरोसा अच्छा है, पर काग़ज़, पैसे और समय की योजना भी चाहिए। उपदेश देने से पहले सामने वाले की बात पूरी सुन लेना इनके रिश्तों को और मीठा बनाता है।
रिश्तों में: धनु वाले रिश्ते में दोस्ती, हँसी और खुलापन चाहते हैं। उन्हें बंधन जैसा लगे तो वे घबराते हैं, पर साथी उनके सपनों में साझेदार बने तो वे पूरे दिल से निभाते हैं। साथ यात्रा, साथ पूजा-पाठ या साथ मिलकर कुछ नया सीखना इनके रिश्ते को और गहरा करता है। विवाह में किससे मेल बैठेगा, यह राशि नहीं, दोनों कुंडलियों का मिलान बताता है।
सरल उपाय: गुरुवार से शुरू करके रोज़ गुरु का बीज मंत्र एक माला जपें, कम से कम 43 दिन:
"ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः"
गुरुवार को विष्णु जी की पूजा करें, चने की दाल, हल्दी या पीले वस्त्र का दान करें, और अपने गुरुजनों का आशीर्वाद लें।
धनु का ऊपर लिखा दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल रोज़ के असली गोचर से नया बनता है — इसलिए वह कल वाला नहीं, आज का फल है।
मकर राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
सँभलकर चलने का दिन चंद्रमा आठवें भाव में है — आज सेहत का ध्यान रखें, जोखिम वाले काम टालें और मन को शांत रखें; दिन सँभलकर चलने का है।
- काम काम में अचानक कोई बदलाव या रुकावट आए तो घबराएँ नहीं; ज़रूरी काम दोबारा जाँचकर ही आगे भेजें।
- धन आज न किसी को बड़ी रक़म उधार दें, न जोखिम वाला निवेश करें; पैसों से जुड़े फ़ैसले कुछ दिन रुककर लें।
- परिवार और रिश्ते घर में किसी बात पर मन दुखे तो उसे दिल पर न लें; शांत रहकर बात करने से ग़लतफ़हमी जल्दी दूर होगी।
- सेहत वाहन धीरे चलाएँ, भारी काम में सावधानी रखें और कोई तकलीफ़ लगे तो समय रहते डॉक्टर की सलाह लें।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से आठवें भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे नौवें भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: बुध · शुभ रंग: हरा · शुभ अंक: 5
आज का उपाय: चंद्र मंत्र 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' की एक माला जपें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ; धैर्य ही आज का सबसे अच्छा सहारा है।
मकर राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: सोमवार (2 नवंबर), रविवार (8 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे दसवें भाव में: बुध का यह गोचर काम में नई योजनाएँ, अच्छी बातचीत और व्यापार में तरक़्क़ी देता है; प्रस्तुति, बैठक और नए सौदे के लिए अनुकूल समय है।
- शुक्र (वक्री) आपसे दसवें भाव में: शुक्र का यह गोचर काम में आराम की चाह बढ़ा सकता है और सहकर्मियों से मनमुटाव ला सकता है; अनुशासन बनाए रखें और दफ़्तर में व्यवहार मधुर रखें।
- मंगल आपसे सातवें भाव में: मंगल का यह गोचर जीवनसाथी या साझेदार से तकरार करा सकता है; धैर्य से सुनें और मंगलवार को 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' जपें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे नौवें भाव) — शुक्र का यह गोचर भाग्य का साथ, सुखद यात्राएँ और धर्म-कला में रुचि देता है; परिवार के साथ घूमने या शुभ काम में शामिल होने का समय है।
मकर राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे दसवें भाव में: सूर्य का यह गोचर काम में सफलता, पद-प्रतिष्ठा और अधिकारियों का सहयोग देता है; ज़िम्मेदारी लेने और अपनी योग्यता दिखाने का अच्छा समय है।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे ग्यारहवें भाव: सूर्य का यह गोचर आमदनी, मान-सम्मान और प्रभावशाली लोगों से मेल-जोल बढ़ाता है; लाभ के अवसर आएँ तो सोच-समझकर उन्हें पकड़ें।
- मंगल आपसे आठवें भाव में: मंगल का यह गोचर सेहत और यात्रा में सावधानी माँगता है; जोखिम के काम टालें, वाहन धीरे चलाएँ और ग़ुस्से को शांत रखें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे आठवें भाव) — मंगल का यह गोचर सेहत और यात्रा में सावधानी माँगता है; जोखिम के काम टालें, वाहन धीरे चलाएँ और ग़ुस्से को शांत रखें।
- बुध आपसे दसवें भाव में: बुध का यह गोचर काम में नई योजनाएँ, अच्छी बातचीत और व्यापार में तरक़्क़ी देता है; प्रस्तुति, बैठक और नए सौदे के लिए अनुकूल समय है।
- शुक्र आपसे नौवें भाव में: शुक्र का यह गोचर भाग्य का साथ, सुखद यात्राएँ और धर्म-कला में रुचि देता है; परिवार के साथ घूमने या शुभ काम में शामिल होने का समय है।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे नौवें भाव) — शुक्र का यह गोचर भाग्य का साथ, सुखद यात्राएँ और धर्म-कला में रुचि देता है; परिवार के साथ घूमने या शुभ काम में शामिल होने का समय है।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे दसवें भाव) — शुक्र का यह गोचर काम में आराम की चाह बढ़ा सकता है और सहकर्मियों से मनमुटाव ला सकता है; अनुशासन बनाए रखें और दफ़्तर में व्यवहार मधुर रखें।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे आठवें भाव में: गुरु का यह गोचर अचानक ख़र्च, थकान या काम में रुकावट ला सकता है; जोखिम वाले निवेश टालें, सेहत देखें और गुरुवार को पीली वस्तु दान करें।
- शनि आपसे तीसरे भाव में: शनि का यह गोचर धैर्य, मेहनत और टिकाऊ सफलता देता है; लगातार प्रयास से रुके काम बनेंगे और विरोधी भी आपकी लगन को मानेंगे।
- राहु आपसे दूसरे भाव में: राहु का यह गोचर पैसों में अनिश्चितता और बोलचाल में ग़लतफ़हमी ला सकता है; लेन-देन लिखकर करें, अफ़वाहों से दूर रहें और परिवार में सीधी, सच्ची बात करें।
- इस समय आप पर न साढ़ेसाती है, न शनि की ढैया; फिर भी मेहनत और अनुशासन बनाए रखें, शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की मदद करना शुभ माना गया है।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 1, 2, 8, 9, 10, 11, 12, 15, 16, 17, 20, 21, 26, 27, 28, 29
सँभलकर चलने के दिन: 3, 4, 13, 14, 22, 23, 30
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
मकर — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
मकर दसवीं राशि है। तत्व पृथ्वी, स्वामी शनि, चिह्न मकर — मृग जैसे मुख और जल-जीव जैसे शरीर वाला प्राणी, जो धरती और पानी दोनों में चलता है। यह चर राशि है; मंगल यहाँ उच्च का और गुरु नीच का माना जाता है। इसके नक्षत्र हैं उत्तराषाढ़ा के अंतिम तीन चरण, श्रवण और धनिष्ठा के पहले दो चरण। मकर वाले अनुशासित, मेहनती और व्यावहारिक होते हैं। वे धीरे-धीरे सीढ़ी चढ़ते हैं और ऊँचाई तक पहुँचते हैं।
ताक़त: धैर्य, ज़िम्मेदारी, योजना, और लंबे समय तक एक लक्ष्य पर टिके रहना। प्रशासन, सरकारी सेवा, इंजीनियरी, निर्माण, खेती-ज़मीन, लेखा और बड़े संगठनों का प्रबंधन इनके अनुकूल है। ये संकट में घबराते नहीं, और परिवार की ज़िम्मेदारी अक्सर कम उम्र में उठा लेते हैं। उम्र के साथ इनकी पकड़ और सम्मान दोनों बढ़ते हैं।
ध्यान रखने की बातें: हर समय बहुत संजीदा रहना, चिंता, भावनाएँ न कह पाना, और काम में इतना डूब जाना कि आराम और अपने लोग पीछे छूट जाएँ। "पहले काम" ठीक है, पर हर समय नहीं। हफ़्ते में एक शाम परिवार के नाम रखना, हँसी-मज़ाक़ के लिए जगह बनाना और कभी ख़ुद की पीठ भी थपथपा लेना इनके लिए अच्छा है।
रिश्तों में: मकर वाले भरोसे और ज़िम्मेदारी से प्यार जताते हैं — घर की ज़रूरतें पूरी करना, भविष्य सुरक्षित करना। वे शब्दों में कम बोलते हैं, इसलिए साथी को उनकी चुप्पी रूखापन लग सकती है। कभी-कभी खुलकर "तुम मेरे लिए ज़रूरी हो" कहना रिश्ते में गर्माहट लाता है। साथी से मेल कितना है, यह राशि नहीं, दोनों की पूरी कुंडली का मिलान बताता है।
सरल उपाय: शनिवार से शुरू करके रोज़ शनि का बीज मंत्र एक माला जपें, 43 दिन बिना नागा:
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
शनिवार को काले तिल या सरसों के तेल का दान करें, हनुमान चालीसा पढ़ें, और किसी बुज़ुर्ग या मेहनतकश की सेवा करें।
मकर का ऊपर दिया राशिफल हर दिन ग्रहों की असली चाल से गिना जाता है और रोज़ बदलता है, इसलिए आज के फल को आज के दिन तक ही रखें।
कुम्भ राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
मिला-जुला दिन चंद्रमा सातवें भाव में है — जीवनसाथी और साझेदारों के साथ अच्छा समय, मान-सम्मान और सुख-सुविधा का दिन है।
- काम साझेदारी और ग्राहकों से जुड़े काम अच्छे चलेंगे; मिलकर किया गया प्रयास आज अकेले से ज़्यादा फल देगा।
- धन व्यापार में किसी समझौते या सौदे से लाभ के योग हैं; काग़ज़ ध्यान से पढ़कर ही हस्ताक्षर करें।
- परिवार और रिश्ते जीवनसाथी के साथ बैठकर बात करने का सुंदर समय है; अविवाहितों के लिए रिश्ते की बात चले तो पहले कुंडली मिलान करवा लें।
- सेहत मन प्रसन्न रहेगा तो शरीर भी हल्का लगेगा; बस बाहर के खाने और देर रात तक जागने से बचें।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से सातवें भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे आठवें भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार। आज शुभ असर कुछ कम रहेगा — शनि वेध-भाव में है (शास्त्र में इसे वेध कहते हैं)।
आज का सहायक ग्रह: गुरु · शुभ रंग: पीला · शुभ अंक: 3
आज का उपाय: जीवनसाथी को कोई छोटा उपहार दें या उनके किसी काम में हाथ बँटाएँ; शाम को भगवान को सफ़ेद फूल चढ़ाएँ।
कुम्भ राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: सोमवार (2 नवंबर), मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: रविवार (8 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे नौवें भाव में: बुध का यह गोचर योजनाओं और लंबी यात्राओं में अड़चन ला सकता है, बड़ों से मतभेद भी संभव हैं; धैर्य रखें और उनकी सलाह ध्यान से सुनें।
- शुक्र (वक्री) आपसे नौवें भाव में: शुक्र का यह गोचर भाग्य का साथ, सुखद यात्राएँ और धर्म-कला में रुचि देता है; परिवार के साथ घूमने या शुभ काम में शामिल होने का समय है।
- मंगल आपसे छठे भाव में: मंगल का यह गोचर विरोधियों पर विजय, अच्छी ऊर्जा और कर्ज़ घटाने की ताक़त देता है; मुक़दमे या प्रतियोगिता में मेहनत रंग ला सकती है।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे आठवें भाव) — शुक्र का यह गोचर रुके हुए पैसे वापस आने और ससुराल पक्ष से सहयोग के योग बनाता है; दांपत्य में भरोसा और निकटता बढ़ सकती है।
कुम्भ राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे नौवें भाव में: सूर्य के इस गोचर में भाग्य का साथ धीमा लग सकता है और पिता से मतभेद हो सकते हैं; बड़ों का सम्मान करें, धैर्य रखें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे दसवें भाव: सूर्य का यह गोचर काम में सफलता, पद-प्रतिष्ठा और अधिकारियों का सहयोग देता है; ज़िम्मेदारी लेने और अपनी योग्यता दिखाने का अच्छा समय है।
- मंगल आपसे सातवें भाव में: मंगल का यह गोचर जीवनसाथी या साझेदार से तकरार करा सकता है; धैर्य से सुनें और मंगलवार को 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' जपें।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे सातवें भाव) — मंगल का यह गोचर जीवनसाथी या साझेदार से तकरार करा सकता है; धैर्य से सुनें और मंगलवार को 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' जपें।
- बुध आपसे नौवें भाव में: बुध का यह गोचर योजनाओं और लंबी यात्राओं में अड़चन ला सकता है, बड़ों से मतभेद भी संभव हैं; धैर्य रखें और उनकी सलाह ध्यान से सुनें।
- शुक्र आपसे आठवें भाव में: शुक्र का यह गोचर रुके हुए पैसे वापस आने और ससुराल पक्ष से सहयोग के योग बनाता है; दांपत्य में भरोसा और निकटता बढ़ सकती है।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे आठवें भाव) — शुक्र का यह गोचर रुके हुए पैसे वापस आने और ससुराल पक्ष से सहयोग के योग बनाता है; दांपत्य में भरोसा और निकटता बढ़ सकती है।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे नौवें भाव) — शुक्र का यह गोचर भाग्य का साथ, सुखद यात्राएँ और धर्म-कला में रुचि देता है; परिवार के साथ घूमने या शुभ काम में शामिल होने का समय है।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे सातवें भाव में: गुरु का यह गोचर दांपत्य में मिठास, साझेदारी में भरोसा और विवाह की बात आगे बढ़ने के योग देता है; रिश्ता तय करने से पहले कुंडली मिलान करवाएँ।
- शनि आपसे दूसरे भाव में: शनि का यह गोचर पैसों में खिंचाव और परिवार में कम बोलचाल ला सकता है; ख़र्च पर लगाम रखें, वाणी नरम रखें और धीरे-धीरे बचत बढ़ाएँ।
- राहु आपसे पहले भाव में: राहु का यह गोचर मन में भ्रम और बेचैनी दे सकता है; बड़े फ़ैसलों से पहले सलाह लें और 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' जपें।
- शनि आपकी राशि से दूसरे भाव में है — साढ़ेसाती का अंतिम चरण; पैसों और वाणी में संयम रखें, बोझ धीरे-धीरे हल्का होने का यह समय है, शनिवार को 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' जपें।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 1, 2, 3, 4, 10, 11, 12, 13, 14, 18, 19, 22, 23, 28, 29, 30
सँभलकर चलने के दिन: 5, 6, 7, 15, 16, 17, 24, 25
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
कुंभ — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
कुंभ ग्यारहवीं राशि है। तत्व वायु, स्वामी शनि, चिह्न कंधे पर घड़ा लिए पुरुष — जो दूसरों के लिए जल लेकर चलता है। यह स्थिर राशि है। इसके नक्षत्र हैं धनिष्ठा के अंतिम दो चरण, शतभिषा और पूर्वा भाद्रपद के पहले तीन चरण। कुंभ वाले विचारक, समाज की भलाई सोचने वाले और अपनी राह ख़ुद बनाने वाले होते हैं। वे भीड़ के पीछे नहीं चलते; नई सोच और नए तरीक़े उन्हें खींचते हैं।
ताक़त: मौलिक सोच, विज्ञान और तकनीक की समझ, दोस्ती निभाना, समूह और संस्था में काम करना, और सबको बराबर देखना। तकनीक, शोध, समाज-सेवा, शिक्षा, संस्थाएँ और नई खोज से जुड़े काम इन्हें अच्छे लगते हैं। शनि के कारण ये धैर्य और ईमानदारी से लंबे समय तक एक काम में लगे रह सकते हैं।
ध्यान रखने की बातें: भावनाओं से दूरी, अपनी राय पर अड़ जाना, और अपनों से ज़्यादा बाहर वालों को समय देना। कभी-कभी ये इतना "सबका" सोचते हैं कि घर के लोग अपनी बात कहने का मौक़ा ढूँढ़ते रह जाते हैं। दिनचर्या में नियमितता और नींद का ध्यान इनके मन को स्थिर रखता है। बड़े विचार के साथ छोटे-छोटे क़दम लिखकर तय करना भी इन्हें आगे बढ़ाता है।
रिश्तों में: कुंभ वालों के लिए साथी पहले दोस्त है। वे बराबरी, सम्मान और अपनी जगह चाहते हैं — ज़्यादा रोक-टोक उन्हें दूर करती है। वे भावना कम दिखाते हैं, पर ज़रूरत पड़ने पर सबसे पहले मदद को खड़े होते हैं। साथी की भावना को तर्क से नहीं, ध्यान से सुनना इनका सबसे बड़ा अभ्यास है। किससे मेल अच्छा रहेगा, यह राशि का खेल नहीं, दोनों कुंडलियों का मिलान तय करता है।
सरल उपाय: शनिवार से शुरू करके रोज़ शनि का बीज मंत्र एक माला जपें, कम से कम 43 दिन:
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
शनिवार को पीपल के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएँ और किसी ज़रूरतमंद को कंबल, जूते या भोजन दें।
कुंभ का ऊपर दिखा दैनिक, साप्ताहिक और मासिक राशिफल रोज़ के गोचर से नए सिरे से बनता है, इसलिए अपना फल हर दिन ताज़ा पढ़ें।
मीन राशि का आज का राशिफल
आज
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
शुभ दिन चंद्रमा छठे भाव में है — सेहत में सुधार, विरोधियों पर बढ़त और पुराने उलझे काम निपटाने का अच्छा दिन है।
- काम प्रतिस्पर्धा में आपकी तैयारी काम आएगी; दफ़्तर में जो लोग अड़चन डालते थे, वे आज नरम पड़ सकते हैं।
- धन पुराना कर्ज़ या उधार चुकाने की योजना बनाने का यह अच्छा समय है; छोटी किश्त भी मन का बोझ हल्का करेगी।
- परिवार और रिश्ते घर में किसी की सेवा या देखभाल का मौका मिले तो ख़ुशी से करें; इससे रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा।
- सेहत पुरानी थकान या छोटी तकलीफ़ में आराम मिलने के आसार हैं; दिनचर्या ठीक रखने का संकल्प आज आसानी से निभेगा।
आज चंद्र सिंह राशि में है — आपकी राशि से छठे भाव। सुबह 9:35 बजे चंद्र कन्या राशि में जाएगा (आपसे सातवें भाव) — दिन का बाद का हिस्सा उसी के अनुसार।
आज का सहायक ग्रह: शुक्र · शुभ रंग: हल्का गुलाबी · शुभ अंक: 6
आज का उपाय: आज किसी ज़रूरतमंद की सेवा करें या पक्षियों को दाना-पानी दें; परंपरा में ऐसी सेवा शुभ फल बढ़ाने वाली मानी गई है।
मीन राशि का साप्ताहिक राशिफल
2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026
- अच्छे दिन: मंगलवार (3 नवंबर), बुधवार (4 नवंबर), गुरुवार (5 नवंबर), शुक्रवार (6 नवंबर), शनिवार (7 नवंबर)
- मिले-जुले दिन: सोमवार (2 नवंबर)
- सँभलकर चलने के दिन: रविवार (8 नवंबर)
इस सप्ताह ग्रह
- बुध (वक्री) आपसे आठवें भाव में: बुध का यह गोचर गहरी सोच, शोध और पुरानी अटकी बातों को सुलझाने में मदद करता है; बीमा, कर या काग़ज़ी काम निपटाने का अच्छा समय है।
- शुक्र (वक्री) आपसे आठवें भाव में: शुक्र का यह गोचर रुके हुए पैसे वापस आने और ससुराल पक्ष से सहयोग के योग बनाता है; दांपत्य में भरोसा और निकटता बढ़ सकती है।
- मंगल आपसे पाँचवें भाव में: मंगल का यह गोचर जोखिम भरे निवेश और जल्दबाज़ी के फ़ैसलों की ओर खींच सकता है; बच्चों से धैर्य से पेश आएँ और सट्टे से दूर रहें।
ग्रहों का राशि-बदलना
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे सातवें भाव) — शुक्र का यह गोचर दांपत्य में अपेक्षाएँ बढ़ा सकता है और छोटी बातों पर रूठना-मनाना करा सकता है; जीवनसाथी की बात सुनें और साथ में समय बिताएँ।
मीन राशि का मासिक राशिफल
नवंबर 2026
- महीने की शुरुआत में: सूर्य आपसे आठवें भाव में: सूर्य का यह गोचर ऊर्जा घटा सकता है और अचानक ख़र्च ला सकता है; सेहत सँभालें और 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' जपें।
- 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में (संक्रांति) — उसके बाद आपसे नौवें भाव: सूर्य के इस गोचर में भाग्य का साथ धीमा लग सकता है और पिता से मतभेद हो सकते हैं; बड़ों का सम्मान करें, धैर्य रखें।
- मंगल आपसे छठे भाव में: मंगल का यह गोचर विरोधियों पर विजय, अच्छी ऊर्जा और कर्ज़ घटाने की ताक़त देता है; मुक़दमे या प्रतियोगिता में मेहनत रंग ला सकती है।
- 12 नवंबर: मंगल सिंह राशि में (आपसे छठे भाव) — मंगल का यह गोचर विरोधियों पर विजय, अच्छी ऊर्जा और कर्ज़ घटाने की ताक़त देता है; मुक़दमे या प्रतियोगिता में मेहनत रंग ला सकती है।
- बुध आपसे आठवें भाव में: बुध का यह गोचर गहरी सोच, शोध और पुरानी अटकी बातों को सुलझाने में मदद करता है; बीमा, कर या काग़ज़ी काम निपटाने का अच्छा समय है।
- शुक्र आपसे सातवें भाव में: शुक्र का यह गोचर दांपत्य में अपेक्षाएँ बढ़ा सकता है और छोटी बातों पर रूठना-मनाना करा सकता है; जीवनसाथी की बात सुनें और साथ में समय बिताएँ।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या राशि में (आपसे सातवें भाव) — शुक्र का यह गोचर दांपत्य में अपेक्षाएँ बढ़ा सकता है और छोटी बातों पर रूठना-मनाना करा सकता है; जीवनसाथी की बात सुनें और साथ में समय बिताएँ।
- 22 नवंबर: शुक्र तुला राशि में (आपसे आठवें भाव) — शुक्र का यह गोचर रुके हुए पैसे वापस आने और ससुराल पक्ष से सहयोग के योग बनाता है; दांपत्य में भरोसा और निकटता बढ़ सकती है।
लंबे समय के ग्रह
- गुरु आपसे छठे भाव में: गुरु का यह गोचर सेहत, कर्ज़ या विरोधियों से जुड़ी छोटी परेशानियाँ ला सकता है; खान-पान संयमित रखें, उधार सोच-समझकर लें और ज़रूरतमंदों की मदद करें।
- शनि आपसे पहले भाव में: शनि का यह गोचर काम का बोझ और थकान बढ़ा सकता है; धीरज से चलें, आराम लें और शनिवार को 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' जपें।
- राहु आपसे बारहवें भाव में: राहु का यह गोचर बेवजह ख़र्च, नींद में खलल और दूर की यात्राएँ ला सकता है; ख़र्च पर नज़र रखें और अनजान लोगों पर जल्दी भरोसा न करें।
- शनि आपकी अपनी राशि पर है — साढ़ेसाती का बीच का चरण, जब मेहनत और ज़िम्मेदारी बढ़ती है; यह धीरज से मज़बूत बनने का समय है, शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ सहारा देगा।
महीने के अच्छे दिन (चंद्र शुभ भाव में): 3, 4, 5, 6, 7, 13, 14, 15, 16, 17, 20, 21, 24, 25, 30
सँभलकर चलने के दिन: 8, 9, 18, 19, 26, 27
गणना: चंद्र-राशि से गोचर, लाहिरी अयनांश, भारतीय समय (IST)। यह राशि भर का सामान्य फल है — अपनी पूरी कुंडली (लग्न, दशा) इससे अधिक सटीक बताती है।
मीन — स्वभाव, स्वामी और सरल उपाय
मीन बारहवीं और आख़िरी राशि है। तत्व जल, स्वामी गुरु, चिह्न दो मछलियाँ जो उलटी दिशाओं में तैरती हैं। यह द्विस्वभाव राशि है; शुक्र यहाँ उच्च का और बुध नीच का माना जाता है। इसके नक्षत्र हैं पूर्वा भाद्रपद का अंतिम चरण, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। मीन वाले दयालु, कल्पनाशील, भावुक और आध्यात्मिक झुकाव वाले होते हैं। वे दूसरों का दुख अपना ही समझते हैं और बिना कहे मदद को आगे आते हैं।
ताक़त: करुणा, कला-संगीत-कविता की समझ, अंतर्ज्ञान (बिना कहे भाँप लेना), सेवा और त्याग। सेवा-चिकित्सा, धर्म-आध्यात्म, कला, फ़िल्म-संगीत, समाज-सेवा, जल से जुड़े काम और पढ़ाना इन्हें जमते हैं। गुरु के कारण इनमें ज्ञान और क्षमा दोनों हैं; ये जहाँ होते हैं, वहाँ का माहौल कोमल बना देते हैं।
ध्यान रखने की बातें: हर किसी पर जल्दी भरोसा, "ना" न कह पाना, सपनों में खोकर ज़मीनी काम टालना, और मुश्किल से बचकर निकल जाने का मन। दूसरों की मदद करते-करते अपनी थकान भूल जाना भी। दो मछलियों की तरह मन कभी-कभी दो तरफ़ खिंचता है। रोज़ का छोटा हिसाब लिखना, एक नियमित दिनचर्या और अपनी सीमा साफ़ रखना इन्हें भीतर से स्थिर रखता है।
रिश्तों में: मीन वाले बहुत कोमल मन से प्यार करते हैं और साथी के लिए बहुत कुछ छोड़ देते हैं। उन्हें समझ, अपनापन और भावनात्मक सुरक्षा चाहिए; कड़वा शब्द इन्हें देर तक चुभता है, और छोटी-सी तारीफ़ इन्हें खिला देती है। वे अपनी ज़रूरत भी कहें, यह रिश्ते के लिए ज़रूरी है। साथी के साथ मेल राशि से नहीं, दोनों की पूरी कुंडली के मिलान से परखा जाता है।
सरल उपाय: गुरुवार से शुरू करके रोज़ गुरु का बीज मंत्र एक माला जपें, 43 दिन बिना नागा:
"ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः"
गुरुवार को "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" भी जपें, विष्णु जी को पीले फूल चढ़ाएँ और हल्दी, चने की दाल या पीले फल का दान करें।
मीन का ऊपर दिया राशिफल — आज, इस सप्ताह और इस महीने का — हर दिन ग्रहों की ताज़ा स्थिति से गिना जाता है और रोज़ बदलता है।
यह राशिफल कैसे बनता है
यह राशिफल अंदाज़ा नहीं, गोचर (ग्रहों का आज आकाश में चलना) की गणना है। हर दिन निकाला जाता है कि सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु किस राशि में हैं, फिर गिना जाता है कि हर ग्रह आपकी राशि (पहला भाव) से किस भाव (घर) में है। कर्क वाले के लिए चंद्रमा कन्या में हो, तो कर्क पहला, सिंह दूसरा, कन्या तीसरा — चंद्रमा तीसरे भाव में।
चंद्रमा — रोज़ का फल
चंद्रमा सबसे तेज़ ग्रह है और सवा दो दिन में राशि बदलता है, इसलिए दैनिक राशिफल का मुख्य आधार यही है। पुराने ग्रंथों का नियम:
- शुभ: 1, 3, 6, 7, 10, 11वाँ भाव — मन हल्का, काम में साथ, मेल-जोल अच्छा।
- मिला-जुला: 2, 5, 9 — कुछ बातें बनती हैं, कुछ में धीरज चाहिए।
- सावधानी: 4, 8, 12 — मन थका या बेचैन, ख़र्च ज़्यादा; बड़ा फ़ैसला सोचकर। आठवें भाव के चंद्रमा को "चंद्राष्टम" कहते हैं; इन दिनों लोग नया बड़ा काम टालते हैं, रोज़ का काम सामान्य चलता है।
बाक़ी ग्रह — सप्ताह और महीने का रंग
| ग्रह | एक राशि में लगभग | चंद्र राशि से शुभ भाव |
|---|---|---|
| सूर्य | एक महीना | 3, 6, 10, 11 |
| मंगल | डेढ़ महीना (वक्री हो तो ज़्यादा) | 3, 6, 11 |
| बुध | तीन-चार सप्ताह | 2, 4, 6, 8, 10, 11 |
| गुरु | लगभग एक वर्ष | 2, 5, 7, 9, 11 |
| शुक्र | लगभग एक महीना | 1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 11, 12 |
| शनि | लगभग ढाई वर्ष | 3, 6, 11 |
| राहु | लगभग डेढ़ वर्ष | 3, 6, 11 |
सूर्य, मंगल, शनि और राहु कठोर स्वभाव के माने जाते हैं, इसलिए तीसरे (पराक्रम), छठे (बाधा पर जीत) और ग्यारहवें (लाभ) भाव में अच्छे रहते हैं; शुभ स्वभाव के गुरु-शुक्र ज़्यादा भावों में।
वेध — जब शुभ फल रुक जाता है
शास्त्र में हर शुभ भाव का एक जोड़ीदार "वेध" भाव है। ग्रह शुभ भाव में हो, पर उसी समय वेध भाव में रोकने वाला ग्रह बैठा हो, तो शुभ फल पूरा नहीं मिलता — जैसे खुले रास्ते में अड़चन। जैसे चंद्रमा के शुभ तीसरे भाव का जोड़ीदार नौवाँ है। इसीलिए कभी शुभ भाव में भी फल सामान्य मिलता है।
साढ़ेसाती और ढैया
शनि आपकी राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव से गुज़रे, तो ये लगभग साढ़े सात वर्ष साढ़ेसाती कहलाते हैं; चौथे या आठवें भाव का शनि ढाई वर्ष का ढैया। इसे डर से न देखें — शनि परिश्रम, अनुशासन और धीरज का ग्रह है। इस समय ज़िम्मेदारी बढ़ती है, और मेहनत की नींव पक्की होती है।
लाहिरी अयनांश और रोज़ की नई गणना
वैदिक ज्योतिष राशियाँ तारों के सापेक्ष (निरयन) गिनता है, पश्चिमी पद्धति ऋतुओं से (सायन); दोनों में अभी लगभग 24 अंश का अंतर (अयनांश) है। हम लाहिरी अयनांश लेते हैं, जो भारत के राष्ट्रीय पंचांग में भी अपनाया गया है। ग्रहों की स्थिति हर दिन खगोलीय गणित से नए सिरे से निकलती है।
- दैनिक: आज चंद्रमा आपकी राशि से किस भाव में है।
- साप्ताहिक: सात दिनों में चंद्रमा की तीन-चार राशियों की यात्रा — कौन-से दिन शुभ, कौन-से सावधानी वाले — और बुध, शुक्र, सूर्य जैसे तेज़ ग्रह।
- मासिक: सूर्य का भाव, मंगल-बुध-शुक्र की चाल, और गुरु-शनि अभी कहाँ खड़े हैं।
राशिफल सामान्य है, कुंडली व्यक्तिगत
एक राशि में दुनिया के लगभग बारहवें हिस्से के लोग आते हैं, इसलिए यह फल दिशा बताता है, पक्की घटना नहीं। गोचर आप पर कितना असर डालेगा, यह आपकी कुंडली का लग्न, ग्रहों का बल और चल रही दशा तय करते हैं। राशिफल शहर के मौसम का अनुमान है; छाता चाहिए या नहीं, यह आपकी खिड़की — आपकी कुंडली — बताती है।
साप्ताहिक और मासिक राशिफल समझदारी से कैसे पढ़ें
राशिफल आपकी दिनचर्या का साथी है, मालिक नहीं:
- शुभ दिन (चंद्रमा 1, 3, 6, 7, 10, 11वें भाव में) — ज़रूरी बातचीत, नई शुरुआत, मुलाक़ात, आवेदन।
- मिले-जुले दिन (2, 5, 9) — रोज़ का काम आराम से; बड़े ख़र्च या वादे से पहले एक बार और सोचें।
- सावधानी वाले दिन (4, 8, 12) — "बुरा दिन" नहीं, बस धीमी चाल: बहस से बचें, काग़ज़ ध्यान से पढ़ें, नींद और भोजन ठीक रखें। पुराने काम निपटाने, पूजा-पाठ और आराम के लिए ये अच्छे दिन हैं।
- हर राशि का चंद्राष्टम (चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि में): मेष–वृश्चिक, वृषभ–धनु, मिथुन–मकर, कर्क–कुंभ, सिंह–मीन, कन्या–मेष, तुला–वृषभ, वृश्चिक–मिथुन, धनु–कर्क, मकर–सिंह, कुंभ–कन्या, मीन–तुला।
- साप्ताहिक फल से हफ़्ते की योजना बनाएँ।
- मासिक फल बड़ी तस्वीर है — सूर्य बताता है कि ऊर्जा किस क्षेत्र में ज़्यादा लगेगी, और गुरु-शनि लंबी चाल की दिशा।
एक दिन का फल पूरा जीवन नहीं। आपकी मेहनत और समझ गोचर से बड़ी है; अच्छा समय बिना काम के फल नहीं देता, और कठिन समय सावधानी से हल्का हो जाता है। सेहत, पैसे या क़ानून के बड़े फ़ैसले सिर्फ़ राशिफल के भरोसे न लें; ज्योतिष के उपाय डॉक्टर के इलाज के साथ हैं, उसकी जगह नहीं। विवाह या गृह-प्रवेश के लिए राशिफल का "शुभ दिन" काफ़ी नहीं — उनके लिए मुहूर्त और कुंडली देखी जाती है।
विवाह और परिवार — राशि नहीं, दोनों की कुंडली
राशिफल किसी एक की राशि का सामान्य फल है, पर विवाह और घर-परिवार में दो लोग होते हैं — दोनों की अपनी कुंडली, दशा और शनि-गोचर। दो राशियों का मेल भी पूरी बात नहीं: अष्टकूट (आठ कूट) में वर्ण, वश्य, ग्रह-मैत्री और भकूट राशि से बनते हैं, पर तारा, योनि, गण और नाड़ी नक्षत्र से। मंगल, सातवाँ भाव, शुक्र-गुरु और दशा पूरी कुंडली से देखे जाते हैं।
इसीलिए कुंडली मिलान ज्योतिष की टीम के ये दो मिलान हैं:
- विवाह कुंडली मिलान — शादी से पहले वर-वधू की कुंडली: अष्टकूट के 36 गुण, मांगलिक, नाड़ी, भकूट, दोष-छूट (परिहार) और उपाय।
- पति-पत्नी कुंडली मिलान — शादी के बाद: स्वभाव का मेल, मंगल, सातवाँ भाव, विवाह के कारक शुक्र-गुरु, चंद्र (मन), वाणी, अभी की दशा और शनि-गोचर, और उनके उपाय व सप्ताह का क्रम।
मान लीजिए आपकी राशि पर साढ़ेसाती चल रही है और घर में बात-बात पर तनाव है — एक की राशि से कुछ तय नहीं होता। पति-पत्नी मिलान दोनों की दशा और शनि-गोचर साथ रखकर देखता है कि दबाव किस ओर से है और कौन-सा उपाय किसके लिए ठीक है। भुगतान के बाद मिलान का पूरा परिणाम साइट पर तुरंत खुलता है; पूरी PDF में दोनों की अपनी कुंडली, उपायों का पूरा विधान, सप्ताह का क्रम और "आपके सवाल — सीधे जवाब" होते हैं। हमारी रिपोर्ट धन या संतान की भविष्यवाणी नहीं करती; वह दोनों की कुंडली से रिश्ता, मन, अभी का समय और उसके उपाय बताती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरी राशि कौन-सी है, यह कैसे पता करूँ?
जन्म-तिथि, समय और स्थान से बनी कुंडली देखें — चंद्रमा जिस राशि में है, वही आपकी राशि है। जन्म-नक्षत्र पता हो तो ऊपर हर राशि के साथ लिखे नक्षत्रों से भी राशि मिल जाती है। नाम के पहले अक्षर वाली राशि तभी सही है जब नाम जन्म-नक्षत्र के अक्षर से रखा गया हो।
राशिफल राशि से देखें या लग्न से?
यह राशिफल चंद्र राशि से है, जो गोचर पढ़ने की सबसे पुरानी और प्रचलित रीति है। लग्न से भी गोचर पढ़ा जाता है, पर उसके लिए सही जन्म-समय चाहिए। दोनों पता हों तो दोनों का फल पढ़ें — जहाँ दोनों एक बात कहें, वह ज़्यादा भरोसे की मानी जाती है।
अख़बार के "सन साइन" राशिफल और यहाँ की राशि अलग क्यों है?
पश्चिमी पद्धति में राशि सूर्य से और सायन (ऋतुओं वाले) राशिचक्र से तय होती है। वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा से और निरयन (तारों वाले) राशिचक्र से, लाहिरी अयनांश लेकर तय होती है। ग्रह भी अलग और राशिचक्र में भी लगभग 24 अंश का अंतर, इसलिए दोनों राशियाँ अक्सर अलग आती हैं।
साढ़ेसाती या ढैया चल रही हो तो क्या डरना चाहिए?
नहीं। साढ़ेसाती (शनि का राशि से 12, 1, 2 भाव में गोचर) और ढैया (4 या 8 में) परिश्रम और धीरज का समय है, सज़ा का नहीं। असर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति और दशा पर निर्भर है। शनिवार को शनि मंत्र, हनुमान चालीसा और बुज़ुर्गों-ज़रूरतमंदों की सेवा सरल सहारा हैं।
क्या राशि देखकर रत्न पहन लेना ठीक है?
सिर्फ़ राशि देखकर रत्न न पहनें। रत्न पहनना हो तो किसी जानकार को पूरी कुंडली दिखाकर ही पहनें — जिस ग्रह को शांत करना हो, उसका रत्न उलटा असर कर सकता है। मंत्र-जप, दान, व्रत और पूजा जैसे उपाय सबके लिए सरल और हानि-रहित हैं।
क्या एक ही राशि के लड़के-लड़की की शादी ठीक रहती है?
राशि एक हो तो भकूट और ग्रह-मैत्री के अंक अच्छे मिलते हैं, पर नाड़ी, गण, योनि और तारा नक्षत्र से तय होते हैं। नक्षत्र भी एक हो तो नाड़ी एक होती है, जिसके लिए शास्त्र में छूट के नियम भी बताए गए हैं। इसलिए फ़ैसला राशि से नहीं, दोनों की पूरी कुंडली के मिलान से होता है।