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घर में शांति

सास-बहू कुंडली मिलान

सास और बहू — दोनों अपनी जगह ठीक, फिर भी बात बिगड़ जाती है। यह मिलान दोनों की कुंडली से देखता है कि स्वभाव कहाँ मिलता है, कहाँ टकराता है, और घर में शांति के लिए कौन-सा उपाय किसके लिए है।

मिलान देखिए

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दोनों का जन्म-विवरण

नाम, जन्म तारीख़, समय और स्थान। समय याद न हो तो खाली छोड़िए।

सास

याद न हो तो खाली छोड़ दीजिए — मिलान थोड़ा कम सटीक होगा।

शहर का नाम लिखना शुरू कीजिए — सूची अपने-आप आएगी। गाँव न मिले तो नज़दीकी ज़िला-मुख्यालय चुनिए।

बहू

याद न हो तो खाली छोड़ दीजिए — मिलान थोड़ा कम सटीक होगा।

शहर का नाम लिखना शुरू कीजिए — सूची अपने-आप आएगी। गाँव न मिले तो नज़दीकी ज़िला-मुख्यालय चुनिए।

यह मिलान क्या देखता है

  • स्वभाव-मेल के चार कूट (21 अंक)गण (स्वभाव), ग्रह-मैत्री (सोच का मेल), भकूट (भावनात्मक निकटता) और तारा (एक-दूसरे का शुभ) — वे कूट जो किन्हीं भी दो लोगों पर अर्थ रखते हैं।
  • चंद्र — मन की स्थितिकिसका मन जल्दी आहत होता है, किसकी चिंता देर तक रहती है।
  • चतुर्थ भाव — घर की शांतिदोनों की कुंडली में घर का भाव कितना शांत है, और कहाँ पाप-ग्रहों का असर है।
  • अभी की दशा और साढ़े सातीकिसका कठिन दौर चल रहा है, और वह कब तक है।
  • एक-दूसरे का भावबहू की कुंडली में सास दशम भाव से देखी जाती है, सास की कुंडली में बहू एकादश से — यही इस रिश्ते का अपना भाव है।
  • वाणी (द्वितीय भाव)घर के झगड़े अक्सर बात से कम, बोल से ज़्यादा बढ़ते हैं।

यहाँ 36 गुण क्यों नहीं

अष्टकूट के 36 गुण वर-वधू के लिए बने हैं — योनि, नाड़ी, वर्ण जैसे कूट विवाह के ही हैं। शास्त्र में सास-बहू का कोई "36 गुण" मिलान नहीं है, और हम उसका दावा नहीं करते। यहाँ स्वभाव के वे चार कूट लगते हैं जिनका अर्थ किसी भी रिश्ते में है। रिपोर्ट किसी एक को सही या ग़लत नहीं ठहराती — दोनों के लिए उपाय बताती है।

PDF रिपोर्ट में

  • दोनों की लग्न कुंडली और ग्रह-स्थिति
  • स्वभाव-मेल के चारों कूट — हर एक का अर्थ
  • एक-दूसरे का भाव (10वाँ/11वाँ), घर, वाणी और चंद्र — दोनों का अलग-अलग
  • आगे की आठ अंतर्दशाएँ तारीख़ सहित, और दोनों के दौर एक साथ कब हल्के होते हैं
  • उपाय — किसके लिए, किस वार — और सप्ताह का क्रम
  • रोज़ के व्यवहार में करें / न करें

चार तरह का कुंडली मिलान

शादी से पहले रिश्ते का सवाल हो या शादी के बाद घर की ख़ुशी का — हर रिश्ते का अपना मिलान है। अपना चुनिए — पूरा परिणाम और PDF, एक ही भुगतान में।

शादी से पहले · वर-वधूकुंडली मिलान

शादी से पहले वर-वधू की कुंडली मिलाइए — 36 गुण, मांगलिक और नाड़ी दोष, पूरा अष्टकूट मिलान, PDF सहित।

  • 36 गुण
  • मांगलिक
  • नाड़ी-भकूट
कुंडली मिलाइए
शादी के बाद · पति-पत्नीपति-पत्नी मिलान

शादी के बाद पति-पत्नी की कुंडली मिलाइए — स्वभाव कहाँ टकराता है, सप्तम भाव और अभी की दशा क्या कहती है, और रिश्ते में प्यार कैसे बढ़े।

  • स्वभाव-मेल
  • सप्तम भाव
  • दशा और उपाय
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शादी के बाद · सास-बहूसास-बहू मिलान

सास और बहू की कुंडली साथ देखिए — दोनों के स्वभाव का मेल, मन (चंद्र) की स्थिति और घर का भाव, ताकि अपनापन बढ़े।

  • स्वभाव-मेल
  • चंद्र — मन
  • घर का भाव
मेल देखें
पूरे घर के लिए · परिवारगृह-शांति मिलान

घर में बार-बार अनबन? परिवार के दो सदस्यों की कुंडली से कारण जानिए — चतुर्थ भाव, पितृ दोष, कालसर्प और दशा — और आसान उपाय।

  • चतुर्थ भाव
  • पितृ दोष
  • उपाय
शांति का रास्ता देखें

आम प्रश्न

क्या सास-बहू का कुंडली मिलान होता है?

हाँ, पर 36 गुण का नहीं — वह वर-वधू के लिए है। सास-बहू में स्वभाव-मेल के चार कूट (गण, ग्रह-मैत्री, भकूट, तारा) देखे जाते हैं, साथ में दोनों का चंद्र, घर का भाव और अभी की दशा।

सास-बहू के झगड़े का ज्योतिषीय कारण क्या होता है?

अक्सर गण का अंतर (एक शांत, एक तेज़), चंद्र-राशि स्वामियों में शत्रुता, या किसी एक का कठिन दौर। रिपोर्ट बताती है कि इनमें से कौन-सी बात इस जोड़ी में है।

उपाय किसे करने हैं?

रिपोर्ट हर उपाय के साथ लिखती है कि वह किस बात के लिए है। कुछ उपाय दोनों के लिए हैं — जैसे साथ बैठकर दीपक जलाना — और कुछ उसी के लिए जिसकी कुंडली में वह योग है।

जन्म-समय याद न हो तो?

मिलान फिर भी हो जाता है। स्वभाव के चारों कूट चंद्र से बनते हैं; घर के भाव वाली बात तब नहीं देखी जाती, और रिपोर्ट यह साफ़ लिखती है।

इन्हें भी पढ़िए: गण · ग्रह मैत्री · भकूट · तारा