विवाह के बाद
पति-पत्नी कुंडली मिलान
विवाह हो चुका है, और घर में बात-बात पर खटपट है? यह मिलान विवाह का निर्णय नहीं करता — यह दोनों की कुंडली से देखता है कि टकराव की जड़ कहाँ है, वह कब तक है, और उसका उपाय क्या है।
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दोनों का जन्म-विवरण
नाम, जन्म तारीख़, समय और स्थान। समय याद न हो तो खाली छोड़िए।
आपका मिलान तैयार है
दोनों की कुंडली देखी जा चुकी है। भुगतान के बाद पूरा परिणाम यहीं खुलेगा, और वही पूरी रिपोर्ट PDF में आपके फ़ोन में उतरेगी।
- रिश्ते का सार — क्या अनुकूल है और किस पर ध्यान चाहिए
- स्वभाव-मेल के कूट — एक-एक का अंक और अर्थ
- दोनों की कुंडली में यह रिश्ता — भाव, ग्रह और अभी की दशा
- सबसे पहले करने वाले उपाय
- पूरी रिपोर्ट PDF में, आपके फ़ोन में
एक बार का शुल्क, भुगतान Razorpay से। भुगतान के बाद पूरा परिणाम यहीं खुलता है और वही रिपोर्ट PDF में फ़ोन में उतरती है — दोनों की कुंडली, हर बात का कारण, आगे का समय और उपाय। 7 दिन में दोबारा भी ली जा सकती है।
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यह मिलान क्या देखता है
- 36 गुण — इसी रिश्ते के लिएअष्टकूट पति-पत्नी के लिए ही बना है। यहाँ आठों कूट इस नज़र से पढ़े जाते हैं कि रोज़ के व्यवहार में कहाँ मेल है और कहाँ टकराव।
- मंगल — क्रोध और आवेगकिसकी कुंडली में मंगल तेज़ है, और क्या वह अपनी ही कुंडली में शांत हो चुका है।
- सप्तम भाव — जीवनसाथी से व्यवहारदोनों के सातवें भाव में कौन-से ग्रह बैठे हैं, किसकी दृष्टि है, और गुरु का सहारा है या नहीं।
- चंद्र — मन की स्थितिचंद्र के साथ शनि, राहु या केतु हो तो मन भारी या बेचैन रहता है — झगड़ा अक्सर यहीं से बढ़ता है।
- अभी की दशा और साढ़े सातीकठिन दौर किसका चल रहा है, और वह किस महीने तक है।
- दांपत्य के कारक और वाणीपति की कुंडली में शुक्र, पत्नी की में गुरु और शुक्र — नवांश सहित; और द्वितीय भाव, जहाँ से बोल तीखे होते हैं।
विवाह-मिलान से यह अलग क्यों
विवाह-मिलान पूछता है कि विवाह करें या नहीं। यह मिलान उस सवाल पर नहीं जाता — विवाह हो चुका है। इसलिए यह रिपोर्ट कभी अलग होने की सलाह नहीं देती, और किसी एक को दोषी नहीं ठहराती। यह बताती है कि टकराव किस बात से उठता है और कौन-सा उपाय कहाँ लगे।
PDF रिपोर्ट में
- दोनों की लग्न कुंडली, नवांश (D9) और ग्रह-स्थिति
- आठों कूट — हर एक का अर्थ इसी रिश्ते के हिसाब से
- मंगल, सप्तम भाव, दांपत्य के कारक, वाणी, चंद्र — दोनों का अलग-अलग
- आगे की आठ अंतर्दशाएँ तारीख़ सहित, और दोनों के दौर एक साथ कब हल्के होते हैं
- उपाय — किसके लिए, किस वार — और सप्ताह का क्रम
- रोज़ के व्यवहार में करें / न करें
चार तरह का कुंडली मिलान
शादी से पहले रिश्ते का सवाल हो या शादी के बाद घर की ख़ुशी का — हर रिश्ते का अपना मिलान है। अपना चुनिए — पूरा परिणाम और PDF, एक ही भुगतान में।
शादी से पहले वर-वधू की कुंडली मिलाइए — 36 गुण, मांगलिक और नाड़ी दोष, पूरा अष्टकूट मिलान, PDF सहित।
कुंडली मिलाइएशादी के बाद पति-पत्नी की कुंडली मिलाइए — स्वभाव कहाँ टकराता है, सप्तम भाव और अभी की दशा क्या कहती है, और रिश्ते में प्यार कैसे बढ़े।
रिश्ता जाँचेंसास और बहू की कुंडली साथ देखिए — दोनों के स्वभाव का मेल, मन (चंद्र) की स्थिति और घर का भाव, ताकि अपनापन बढ़े।
मेल देखेंघर में बार-बार अनबन? परिवार के दो सदस्यों की कुंडली से कारण जानिए — चतुर्थ भाव, पितृ दोष, कालसर्प और दशा — और आसान उपाय।
शांति का रास्ता देखेंआम प्रश्न
पति-पत्नी में झगड़े का कारण कुंडली से कैसे पता चलता है?
दोनों की कुंडली में स्वभाव (गण), सोच का मेल (ग्रह-मैत्री), मंगल की तीव्रता, सप्तम भाव पर पाप-ग्रहों का असर और अभी की दशा देखी जाती है। इनमें से जो बात ध्यान माँगती है, वही टकराव की जड़ होती है — और हर एक का शास्त्रीय उपाय है।
क्या यह रिपोर्ट अलग होने की सलाह देती है?
नहीं, कभी नहीं। यह रिपोर्ट टकराव का कारण और उसका उपाय बताती है। झगड़ा कभी हाथापाई या डर तक पहुँचे, तो परिवार के बड़ों या किसी परामर्शदाता से तुरंत मदद लीजिए।
कम गुण हों तो क्या करें?
गुण कम होना रिश्ते का फ़ैसला नहीं है। रिपोर्ट बताती है कि कौन-सा कूट कम है, उसका असर व्यवहार में कहाँ दिखता है, और उसका उपाय क्या है।
जन्म-समय याद न हो तो?
मिलान फिर भी हो जाता है। 36 गुण, चंद्र और दशा समय से बहुत नहीं बदलते; लग्न और भाव वाली बातें तब नहीं देखी जातीं, और रिपोर्ट यह साफ़ लिखती है।
इन्हें भी पढ़िए: 36 गुण और आठ कूट · मांगलिक दोष · नाड़ी, भकूट और गण दोष · गण · ग्रह मैत्री