अष्टकूट · 2 गुण
वश्य
आपसी आकर्षण और प्रभाव
बारह राशियाँ पाँच वर्गों में बँटती हैं — चतुष्पद, मनुष्य, जलचर, वनचर, कीट। धनु और मकर आधी-आधी बँटी हैं, इसलिए चंद्र का अंश भी देखा जाता है। यह बताता है कि कौन किस पर सहज प्रभाव रखेगा।
शून्य आने पर क्या
वश्य के दो में से शून्य आना असामान्य है और इसे दोष नहीं, केवल न्यूनता माना जाता है — आपसी प्रभाव सहज नहीं बैठेगा, इतना भर। धनु और मकर आधी-आधी बँटी हैं, इसलिए चंद्र का अंश भी देखा जाता है।
कैसे गिना जाता है
- दोनों की राशि से वश्य वर्ग निकालिए — चतुष्पद, मानव, जलचर, वनचर या कीट।
- सारावली की 5×5 तालिका से अंक लीजिए — 2, 1, 0.5 या 0। तालिका असममित है, यानी वर और वधू की जगह बदलने पर अंक बदल सकता है।
यहाँ हम आम प्रचलन से अलग चलते हैं
धनु और मकर आधे-आधे बँटी राशियाँ हैं — धनु का पहला आधा मानव और दूसरा चतुष्पद, मकर का पहला चतुष्पद और दूसरा जलचर। इसलिए यहाँ चंद्र का अंश भी चाहिए, केवल राशि नहीं। जो गणक अंश नहीं देखते, वे इन दो राशियों में क़रीब आधे लोगों को ग़लत वर्ग में डाल देते हैं।
निर्णय में इसका भार
इस कूट का अपना अलग मत नहीं है। यह “छत्तीस गुण” वाले एक ही मत में गिना जाता है — यानी वर्ण, वश्य, तारा, योनि और ग्रह-मैत्री, पाँचों मिलकर उसी एक मत में आते हैं।
| मत | भार |
|---|---|
| छत्तीस गुण — सब मिलाकर | 1.0 |
| नाड़ी — अपना अलग मत | 1.3 |
| भकूट — अपना अलग मत | 1.1 |
| गण — अपना अलग मत | 0.9 |
| दशकूट — रज्जु व वेध | 0.6 |
| विस्तारित कूट | 0.6 |
| बाक़ी 33 मत | 24.2 |
| कुल — 39 | 29.7 |
हमारा निर्णय 39 मतों को भार-सहित तोलकर बनता है, जिनका कुल भार 29.7 है। छत्तीसों गुण मिलकर उनमें से एक मत हैं — यानी पूरे निर्णय का लगभग 3.4%। बाक़ी सप्तम भाव, नवांश, सप्तांश, विंशोपक, जैमिनी, दशा-काल और मांगलिक जैसे मत तय करते हैं। यही वजह है कि यह रिपोर्ट कम गुण देखकर विवाह से कभी मना नहीं करती।
शास्त्रीय सारणी
| राशि | वश्य वर्ग | राशि | वश्य वर्ग |
|---|---|---|---|
| मेष | चतुष्पद | तुला | मानव |
| वृषभ | चतुष्पद | वृश्चिक | कीट |
| मिथुन | मानव | धनु | मानव (पहला आधा) · चतुष्पद (दूसरा आधा) |
| कर्क | जलचर | मकर | चतुष्पद (पहला आधा) · जलचर (दूसरा आधा) |
| सिंह | वनचर | कुम्भ | मानव |
| कन्या | मानव | मीन | जलचर |
बाक़ी सात कूट
दोनों का जन्म-विवरण भरिए
तारीख़, समय और जगह — तीनों जितने सही होंगे, मिलान उतना ही सटीक। समय याद न हो तो भी चल जाएगा।