अष्टकूट · 1 गुण
वर्ण
मन और आध्यात्मिक स्तर
राशि से चार वर्ण बनते हैं — ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र। जल-राशियाँ ब्राह्मण, अग्नि क्षत्रिय, पृथ्वी वैश्य, वायु शूद्र। वर का वर्ण वधू के बराबर या ऊपर हो तो गुण मिलता है। यह जाति नहीं, मन की प्रवृत्ति का स्तर है।
शून्य आने पर क्या
वर्ण में शून्य दोष नहीं माना जाता — यह सबसे हल्का कूट है और एक गुण भर का। वर का वर्ण वधू से नीचे हो तो अंक नहीं मिलता, पर शास्त्र इसे बाधा नहीं कहता; शेष कूट कहीं अधिक भारी हैं।
कैसे गिना जाता है
- दोनों की चंद्र-राशि से वर्ण निकालिए — कर्क, वृश्चिक और मीन ब्राह्मण; मेष, सिंह और धनु क्षत्रिय; वृषभ, कन्या और मकर वैश्य; मिथुन, तुला और कुम्भ शूद्र।
- वर का वर्ण वधू के वर्ण से बराबर या ऊँचा हो तो 1 गुण, नीचे हो तो 0।
यहाँ हम आम प्रचलन से अलग चलते हैं
यह उन दो कूटों में है जो क्रम देखते हैं — वर और वधू की जगह बदल दीजिए तो अंक बदल सकता है (दूसरा वश्य है)। और यह सबसे हल्का कूट है, छत्तीस में सिर्फ़ एक। इसका शून्य हमारी रिपोर्ट में दोष नहीं गिना जाता।
निर्णय में इसका भार
इस कूट का अपना अलग मत नहीं है। यह “छत्तीस गुण” वाले एक ही मत में गिना जाता है — यानी वर्ण, वश्य, तारा, योनि और ग्रह-मैत्री, पाँचों मिलकर उसी एक मत में आते हैं।
| मत | भार |
|---|---|
| छत्तीस गुण — सब मिलाकर | 1.0 |
| नाड़ी — अपना अलग मत | 1.3 |
| भकूट — अपना अलग मत | 1.1 |
| गण — अपना अलग मत | 0.9 |
| दशकूट — रज्जु व वेध | 0.6 |
| विस्तारित कूट | 0.6 |
| बाक़ी 33 मत | 24.2 |
| कुल — 39 | 29.7 |
हमारा निर्णय 39 मतों को भार-सहित तोलकर बनता है, जिनका कुल भार 29.7 है। छत्तीसों गुण मिलकर उनमें से एक मत हैं — यानी पूरे निर्णय का लगभग 3.4%। बाक़ी सप्तम भाव, नवांश, सप्तांश, विंशोपक, जैमिनी, दशा-काल और मांगलिक जैसे मत तय करते हैं। यही वजह है कि यह रिपोर्ट कम गुण देखकर विवाह से कभी मना नहीं करती।
शास्त्रीय सारणी
| राशि | वर्ण | राशि | वर्ण |
|---|---|---|---|
| मेष | क्षत्रिय | तुला | शूद्र |
| वृषभ | वैश्य | वृश्चिक | ब्राह्मण |
| मिथुन | शूद्र | धनु | क्षत्रिय |
| कर्क | ब्राह्मण | मकर | वैश्य |
| सिंह | क्षत्रिय | कुम्भ | शूद्र |
| कन्या | वैश्य | मीन | ब्राह्मण |
बाक़ी सात कूट
दोनों का जन्म-विवरण भरिए
तारीख़, समय और जगह — तीनों जितने सही होंगे, मिलान उतना ही सटीक। समय याद न हो तो भी चल जाएगा।